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हमारे पड़ोस में पल रहा आतंकवाद : मोदी यू एस कांग्रेस को संबोधित करते हुए बोले

Modi-US-12-580x395वॉशिंगटन. नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यूएस कांग्रेस के ज्वाइंट सेशन को एड्रेस किया। पंडित नेहरू, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के बाद वे अमेरिकी संसद में स्पीच देने वाले 6th भारतीय पीएम रहे। 1949 में पहली बार पंडित नेहरू ने यहां स्पीच दी थी। पिछली बार 2005 में मनमोहन यहां आए थे। मोदी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के स्पीकर पॉल रेयान ने इन्वाइट किया था। मोदी ने अपनी स्पीच में पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा- भारत के पड़ोस में आतंकवाद पल रहा है। हमें एक आवाज में उसके खिलाफ खड़े होना होगा। मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें…
1# 66 बार तालियां, 8 स्टैंडिंग ओवेशन अौर 3 मौकों पर ठहाके
– हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में मोदी के आते ही अमेरिका सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। लगातार चार मिनट तक ताली बजी। मोदी ने कई सांसदों से हाथ मिलाया।
– मोदी की 48 मिनट की स्पीच के दौरान 66 बार तालियां बजीं और कम से कम 8 बार स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया।
– जैसे ही मोदी ने अपनी स्पीच खत्म की वहां मौजूद अमेरिकी सांसदों में उनसे हाथ मिलना, ऑटोग्राफ लेने की होड़ लग गई। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
2# जब मोदी की स्पीच के दौरान लगे ठहाके
– मोदी की स्पीच के दौरान कई ऐसे मौके आए जब अमेरिकी सांसद ठहाके लगाने को मजबूर हो गए।
-मोदी ने कहा, ”अमेरिका में आपके बेस्ट सीईओ, एस्ट्रोनॉट्स, साइंटिस्ट, डॉक्टर्स और यहां तक कि स्पेलिंग बी कॉम्पीटिशन में भी भारतीय शामिल हैं। वे आपकी मजबूती तो हैं ही। लेकिन वे प्राइड ऑफ इंडिया भी हैं।”
– जब मोदी ने योग का जिक्र किया तो भी अमेरिकी सांसदों ने ठहाके लगाए।
– मोदी ने कहा, ”भारत के हजारों साल पुराने योग को यूएस में 3 करोड़ लोग फॉलो करते हैं। कर्व बॉल थ्रो करने से ज्यादा योग के लिए यहां के लोग अपने शरीर को मोड़ते हैं। …और हमने अब तक योग पर इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट का दावा भी नहीं ठोंका है।”
– मोदी ने अपनी स्पीच में इशारों-इशारों में बताया कि राज्यसभा में कैसे एनडीए बहुमत में नहीं है कि उन्हें वहां सभी दलों की सुननी पड़ती है।
– ”मिस्टर स्पीकर! मुझे बताया गया है कि यहां कांग्रेस में वर्किंग अच्छे माहौल में होती है। यह भी पता चला कि आप हर दल को मौके देते हैं। आप अकेले नहीं हैं। मैं भी समय-समय पर भारत की संसद में ऐसा करता हूं। …खासतौर पर अपर हाउस (राज्यसभा) में। इस तरह हमारे-आपके तरीके एक जैसे हैं।”
3# नाम लिए बिना साधा पाकिस्तान पर निशाना
– मोदी ने अपनी स्पीच में नाम लिए बिना पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। आतंकवाद खत्म करने के लिए एकजुटता की बात की।
– कहा, ”आतंकवाद का सबसे बड़ा खतरा अब भी कायम है। भारत की पश्चिम की सीमा (पाकिस्तान) से लेकर अफ्रीका तक आतंकवाद अलग-अलग नामों से मौजूद है।”
– ”कहीं वह (पाक से ऑपरेट होने वाला) लश्कर-ए-तैयबा है तो कहीं तालिबान और आईएसआईएस है। उनकी सोच नफरत, हत्याओं और हिंसा की है। इसकी परछाई दुनियाभर में बढ़ रही है। भारत के पड़ोस में आतंकवाद को पाला-पोसा जा रहा है।”
– ”मैं यूएस कांग्रेस का आभारी हूं कि आपने ऐसी ताकतों को बढ़ने नहीं दिया। जो अपने राजनीतिक फायदों के लिए टेररिज्म को एकतरफ बढ़ावा देते हैं और दूसरी तरफ उसके खिलाफ उपदेश देते हैं, मैं आभारी हूं कि आपने एक ही बार में ऐसी ताकतों को सिरे से नकार दिया।”
– बता दें कि पिछले महीने अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ एफ-16 डील कैंसल कर दी थी। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
4# नेहरू-मनमोहन का नहीं लिया नाम
– मोदी ने अपनी स्पीच में गांधीजी, अंबेडकर, विवेकानंद, अटल बिहारी वाजपेयी जैसी हस्तियों के नाम लिए लेकिन पंडित नेहरु, मनमोहन सिंह का नाम नहीं लिया।
– कहा, ”वाजपेयी ने इसी मंच पर खड़े होकर कहा था कि हमें अतीत की हिचक को भूला देना चाहिए। आज हम अतीत की हिचक को पीछे छोड़ आए हैं। आज हमारे रिश्तों और बातचीत में सहजता का भाव है।”
– ”स्वामी विवेकानंद की मानवता पर शिकागो में दी गई स्पीच दुनियाभर में मशहूर हुई। गांधीजी अौर मार्टिन लूथर किंग की सोच एक जैसी थी। (किंग के जिक्र पर सदन में तालियां बजीं।) गांधीजी ने मार्टिन लूथर किंग को प्रेरणा दी थी। अमेरिकी संविधान का प्रभाव डॉ. बाबासाहब अंबेडकर पर रहा। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि भारत और यूएस नैचुरल अलाई हैं।”
– मोदी ने कहा,”सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट हुआ, तब दोनों देशों के बीच रिश्तों में नया पड़ाव आया।” बता दें कि जब यह डील हुई थी उस वक्त भारत में कांग्रेस की सरकार थी और इसके पीछे पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का अहम रोल माना जाता है।
5. भारत-अमेरिका की दोस्ती पर
– मोदी ने अपनी स्पीच में दोनों देशों की संस्कृति, विचारधारा के अलावा दोस्ती को लेकर ज्यादा जोर दिया।
– उन्होंने कहा, ”ओबामा ने भारत-अमेरिका की दोस्ती को इस सदी का डिफाइनिंग मोमेंट बताया था।”
– ”हम ऐसा मानते हैं कि ताकतवर और खुशहाल भारत अमेरिका के स्ट्रैटजिक इंटरेस्ट में शामिल है। हम मिलकर काम करेंगे तो दुनिया ताकत बनेगी।”
– ”हमारे बीच बातचीत की गर्मजोशी बढ़ी है। यूएस कांग्रेस ने इसमें मदद की है। आपने रुकावटों को पार्टनरशिप बढ़ाने के जरियों में बदल दिया है। सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट हुआ तब दोनों देशों के बीच रिश्तों में नया पड़ाव आया। जब नवंबर 2008 में हमारी सरहद में आतंकी घुसे थे तो अमेरिकी कांग्रेस ने हमारे प्रति एकजुटता दिखाई थी। हम इसके शुक्रगुजार हैं।”
मोदी की स्पीच के हाइलाईट्स…
09.40 PM: ”मैं यूएस कांग्रेस का आभारी हूं कि आपने ऐसी ताकतों को बढ़ने नहीं दिया। जो अपने राजनीतिक फायदों के लिए टेररिज्म को एकतरफ बढ़ावा देते हैं और दूसरी तरफ उसके खिलाफ उपदेश देते हैं, मैं आभारी हूं कि आपने एक ही बार में ऐसी ताकतों को सिरे से नकार दिया।”
09.38 PM: ”कहीं वह (पाक से ऑपरेट होने वाला) लश्कर-ए-तैयबा है तो कहीं तालिबान और आईएसआईएस है। उनकी सोच नफरत, हत्याओं और हिंसा की है। इसकी परछाई दुनियाभर में बढ़ रही है। भारत के पड़ोस में आतंकवाद को पाला-पोसा जा रहा है।”
09.40 PM: ”आतंकवाद अब भी सबसे बड़ा खतरा कायम है। भारत की पश्चिम की सीमा (पाकिस्तान) से लेकर अफ्रीका तक आतंकवाद अलग-अलग नामों से मौजूद है।”
09.24 PM: अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेदभाव बंद करो। मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना हमला बोला।
09.23 PM: वॉशिंगटन आने से पहले मैं अफगानिस्तान के हेरात में गया था। वहां मैंने फ्रेंडशिप डैम का इनॉगरेशन किया था। इससे पहले वहां की संसद का इनॉगरेशन किया था जो हमारे मजबूत रिश्तों को बयान करती है। अफगानिस्तान के लोग जानते हैं कि वे बेहतर जिंदगी जी सकें, इसके लिए अमेरिका के लोगों ने कुर्बानियां दी हैं। भारत ने भी अफगानिस्तान के लोगों के साथ दोस्ती के लिए बहुत कॉन्ट्रिब्यूशन दिया है।
09.19 PM: हम ऐसा मानते हैं कि ताकतवर और खुशहाल भारत अमेरिका के स्ट्रैटजिक इंटरेस्ट में शामिल है। हम मिलकर काम करेंगे तो दुनिया ताकत बनेगी।
09.18 PM: हमारी 7.6 फीसदी की ग्रोथ रेट नए मौके दे रही है। मिस्टर स्पीकर! 21वीं सदी हमारे लिए कई मौके लाई है लेकिन इसकी चुनौतियां भी हैं। एशिया में सिक्युरिटी का आपसी रजामंदी वाला सिस्टम नहीं है। बढ़ता आतंक चुनौतियां दे रहा है। 21वीं सदी में ग्लोबल इंस्टिट्यूशंस नई चुनौतियां का सामने करने लायक नहीं हैं।
09.17 PM: इंडिया-जापान की मजबूत पार्टनरशिप रिश्तों को आगे बढ़ा रही है। नेविगेशन की आजादी होनी चाहिए।
09.16 PM:दो दिन पहले मैं आर्लिंगटन नेशनल सेमिटेरी गया था जहां इस महान देश के बहादुर लोगों के स्मारक हैं और उन्हें वहां श्रद्धांजलि दी जाती है।
– दुनियाभर में इंसानियत कायम रखने के लिए भारत आजादी की हिफाजत करने वाले और बहादुरों को पैदा करने वाले इस मुल्क की कुर्बानियों की तारीफ करता है।
09.13 PM: आपके बेस्ट सीईओ, एस्ट्रॉनेट्स, साइंटिस्ट, डॉक्टर्स और यहां तक कि स्पेलिंग बी कॉम्पीटिशन में भी भारतीय शामिल हैं। वे आपकी मजबूती तो हैं ही। लेकिन वे प्राइड ऑफ इंडिया भी हैं।
09.10 PM: भारत के हजारों साल पुराने योग को यूएस में 3 करोड़ लोग फॉलो करते हैं। कर्व बॉल थ्रो करने से ज्यादा योग के लिए यहां के लोग अपने शरीर को मोड़ते हैं। …और हमने अब तक योग पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट का दावा नहीं ठोंका है।
09.06 PM: हमारे बीच बातचीत की गर्मजोशी बढ़ी है। यूएस कांग्रेस ने इसमें मदद की है। आपने रुकावटों को पार्टनरशिप बढ़ाने के जरियों में बदल दिया है। सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट हुआ तब दोनों देशों के बीच रिश्तों में नया पड़ाव आया। जब नवंबर 2008 में हमारी सरहद में आतंकी घुसे थे तो अमेरिकी कांग्रेस ने हमारे प्रति एकजुटता दिखाई थी। हम इसके शुक्रगुजार हैं।
09.03 PM: वाजपेयी ने इसी मंच पर खड़े होकर कहा था कि हमें अतीत की हिचक को भूला देना चाहिए। आज हम अतीत की हिचक को पीछे छोड़ आए हैं। आज हमारे रिश्तों और बातचीत में सहजता का भाव है।
09.01 PM: ओबामा ने भारत-अमेरिका की दोस्ती को इस सदी का डिफाइनिंग मोमेंट बताया था।
09.00 PM: स्वामी विवेकानंद का मानवता पर शिकागो में दिया गया स्पीच दुनियाभर में मशहूर हुआ। गांधीजी अौर मार्टिन लूथर किंग की सोच एकजैसी थी। (किंग के जिक्र पर सदन में तालियां बजीं।) गांधीजी ने मार्टिन लूथर किंग को प्रेरणा दी थी। अमेरिकी संविधान का प्रभाव डॉ. बाबासाहब अंबेडकर पर रहा। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि भारत और यूएस नैचुरल अलाई हैं।
08.59 PM: देश एकजुट होकर जीता है, जगता है और उत्सव मनाता है। मिस्टर स्पीकर! मॉडर्न इंडिया अपने 70वें साल में प्रवेश कर रहा है। कॉन्स्टिट्यूशन ही हमारे लिए पवित्र किताब है। फ्रीडम ऑफ स्पीच और समानता हमारी खासियत है। हमारे देश के 80 करोड़ लोग पांच साल में एक बार वोट देते हैं। लेकिन उससे भी ज्यादा यानी सभी 125 करोड़ लोगों को हर दिन अपनी तरह से जीने की आजादी है।
08.58 PM: मिस्टर स्पीकर! मुझे बताया गया है कि यहां कांग्रेस में वर्किंग सौहार्द्र में होती है। यह भी पता चला कि आप हर दल को मौके देते हैं। आप अकेले नहीं हैं। मैं भी समय-समय पर भारत की संसद में ऐसा करता हूं। …खासतौर पर अपर हाउस (राज्यसभा)। इस तरह हमारे-आपके तरीके एकजैसे हैं।
08.57 PM: मैं जिस दिन वहां गया, वह डी-डे था। उस दिन अमेरिका के हजारों लोगों ने लिबर्टी के लिए प्रदर्शन किया था। भारत जानता है कि इसके मायने क्या हैं। क्योंकि हमारे भी सैनिकों ने इसी तरह के सिद्धांतों के लिए कुर्बानियां दी हैं। यही वजह है कि हमारे दो देशों के बीच मजबूत रिश्ता है। हमारे देशों के बीच एक जैसी संस्कृति, विचार हैं।
08.55 PM: डेमोक्रेसी और देश की जनता की आजादी को लेकर हमारा यकीन और सभी लोगों के एक समान होने का सिद्धांत हमारे बीच कॉमन है। हमारे फाउंडिंग फादर्स ने इसी पर काम काम किया है। जब भारत नया-नया आजाद हुआ था तो कई लोगों को संदेह था कि यहां डेमोक्रेसी रह पाएगी या नहीं। हमारे फ्यूचर पर शक किया गया। लेकिन भारत की जनता पीछे नहीं हटा। हमारे फाउंडर्स ने फ्रीडम, डेमोक्रेसी और इक्वालिटी पर नए देश को रचा। उन्होंने इस बात का ध्यान रखा कि हजारों साल पुरानी विविधता देश में कायम रहे।
08.52 PM: यह इस महान देश की स्पिरिट दिखाता है। अब्राहम लिंकन के शब्दों में इसे लिबर्टी कहा जाता है। वे कहते हैं कि हर इंसान एक समान है। इस मौके के जरिए आपने दुनिया की सबसे बड़े लोकतंत्र और वहां रहने वाले सवा सौ करोड़ लोगों को सम्मानित किया है।
08.51 PM: यह मेरा सम्मान है कि मैं इस सबसे पुरानी संसद के सदस्यों को संबोधित करने आया हूं। दो दिन पहले मैं आर्लिंगटन नेशनल सेमिटेरी गया था जहां इस महान देश के बहादुर लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
08.50 PM: मोदी बोले- मैं इस निमंत्रण से बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मेरे लिए दरवाजे खोलने के लिए शुक्रिया।
08.48 PM : मोदी की स्पीच शुरू।
08.44 PM : स्पीच देने के लिए हाउस में पहुंचे मोदी। सांसदों ने खड़े होकर तालियों के साथ किया स्वागत। चार मिनट तक बजती रही ताली।
08.38 PM : यूएस कांग्रेस की कमेटी कर रही है मोदी के साथ मीटिंग।
08.36 PM : सीनेटर रीड ने कहा- मेरी सबसे बेहतरीन यादों में वह लम्हा शामिल है जब दशकों पहले मोदी नाम के एक स्टूडेंट ने मुझे गांधीजी की प्रतिमा तोहफे में दी थी।
08.32 PM :अमेरिकी कांग्रेस में स्पीच देने पहुंचे मोदी।
08.26 PM :स्पीकर रेयान ने कहा कि मेरी कॉन्स्टिट्यूएंसी में शूटिंग की घटना हुई थी। इसके बाद सिख कम्युनिटी ने वहां जो उदारता दिखाई, वह सभी के लिए एक सबक है।
08.20 PM :हाउस के लिए रवाना हुए मोदी, साथ में हैं रेयान।
08.02 PM : मोदी और रेयान की मुलाकात हुई।
07.50 PM : मोदी कैपिटॉल हिल पहुंचे। स्पीकर पॉल रेयान ने किया वेलकम।

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