मुंबई।
साख निर्धारक एजेंसी क्रिसिल ने वित्त वर्ष 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 7.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जाहिर किया है। क्रिसिल रिसर्च के बिजनेस हेड मनीष जयसवाल ने एक कांफ्रेंस कॉल के दौरान बताया कि आगामी वित्त वर्ष में भी वैश्विक मांग कमजोर बनी रहेगी, लेकिन आर्थिक विकास घरेलू मांग के कारण आएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह विकास अनुमान अच्छे मॉनसून और स्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था की उम्मीद पर आधारित है।
यदि मानसून लगातार तीसरे साल कमजोर रहता है या वैश्विक अर्थव्यवस्था और कमजोर पड़ती है तो यह विकास दर हासिल कर पाना संभव नहीं होगा। जयसवाल ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए वित्तीय घाटा लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के 3.9 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत पर रखा है तथा साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए प्रावधान बढ़ाकर बजट में अच्छा संतुलन बनाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में अच्छे मॉनसून का आना और बैंकों के बैलेंस शीट को साफ-सुथरा बनाना अत्यावश्यक है। वित्तीय घाटा और चालू खाता घाटा का लक्ष्य पूरा होता दिख रहा है, जबकि कमोडिटी की कीमतें निचले स्तर पर होने के कारण विनिवेश लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।
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