
हमास ने गाजा अस्थाई युद्ध विराम को मानने से इनकार कर दिया है। हमास के एक सीनियर कमांडर ने सोमवार को कहा कि उनका संगठन गाजा में पूर्ण और व्यापक युद्ध विराम चाहता है। हम सबसे पहले युद्ध विराम के बारे में बात कर रहे हैं। एक बार लड़ाई रुकने के बाद बंधकों की रिहाई और बाकी चीजों पर चर्चा की जा सकती है। कतर ने मिस्र और अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल और हमास में समझौते के लिए मध्यस्थ की कोशिश की है। कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी, सीआईए निदेशक बिल बर्न्स, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और मिस्र के खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल ने पेरिस में बातचीत कर विराम के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने सोमवार को कहा था कि पेरिस में सीआईए प्रमुख बिल बर्न्स, शीर्ष इजरायली और मिस्र के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में चरणबद्ध संघर्ष विराम की रूपरेखा तैयार हुई है। इस रूपरेखा के तहत सबसे पहले महिलाओं और बच्चों के बंधकों को रिहा करना और गाजा पट्टी में सहायता पहुंचाना शामिल है। हालांकि हमास की ओर से साफ कर दिया गया है कि वह किसी अस्थाई विराम से सहमत नहीं है और पूरी तरह से जंग को बंद किए जाने के पक्ष में है।
हमास के पास अभी भी 130 बंधक – हमास ने दक्षिण इजरायल पर हमला कर 7 अक्टूबर को 240 लोगों को बंधकों बना लिया था। इजरायल का कहना है कि अभी भी 130 बंधक गाजा में हमास की कैद में हैं। इजरायल के करीब 100 बंधक दिसंबर में हुए युद्ध विराम समझौते में छूट गए थे। हमास और इजराल के बीच कतर की कोशिशों से दिसंबर में एक सप्ताह का युद्ध समझौता हुआ था। बाकी बंधकों की रिहाई के लिए बार बातचीत हुई हैं लेकिन एक और समझौते की कोशिशें कामयाब नहीं हो सकी हैं। हमास ने जोर देकर कहा है कि अगर इजरायल सभी फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करता है तो वह भी इजरायली बंधकों को रिहा कर देगा। साथ ही हमास ने स्थायी युद्धविराम और गाजा से इजरायली बलों की पूर्ण वापसी की मांग की है। इस मांग को इजरायल खारिज करता रहा है। दूसरी और गाजा में इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गाजा स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में फिलीस्तीनियों की मौत की संख्या 26 हजार को पार कर गई है और 65 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं।
Home / News / गाजा में अस्थायी युद्ध विराम का ऑफर हमास ने ठुकराया, बंधकों की रिहाई के लिए पूरी तरह लड़ाई रोकने की मांग
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