
पाकिस्तान सरकार ने टैक्स नहीं भरने वाले लोगों को नई तरह की सजा देने का फैसला लिया है। सरकार ऐसे लोगों के सिम कार्ड ब्लॉक कर रही है। पाकिस्तान में 2023 में टैक्स रिटर्न नहीं भरने वाले पांच लाख से ज्यादा लोगों के सिम कार्ड फ्रीज करने का फैसला सरकार ने लिया है। संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) ने एक आयकर सामान्य आदेश (आईटीजीओ) में कहा कि 5,06,671 लोगों के मोबाइल सिम कार्ड ब्लॉक किए जा रहे हैं। अपने कर रिटर्न दाखिल करने में विफल रहे इन लोगों के सिम तब तक फ्रीज किया जाएगा जब तक कि उन्हें एफबीआर या उस व्यक्ति पर अधिकार रखने वाले राजस्व आयुक्त की ओर से बहाल नहीं किया जाता है।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) और सभी दूरसंचार प्रदाताओं को आयकर सामान्य आदेश (आईटीजीओ) संख्या 01/2024 को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया। इस आदेश के तहत उन्हें बोर्ड की ओर से बताए गए लोगों के सिम कार्ड पर प्रतिबंध लगाना होगा और 15 मई तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी होगी। एफबीआर ने कहा है 24 लाख संभावित करदाताओं की खोज की गई है, जो पहले टैक्स सूची में नहीं थे। एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार कई बार इन व्यक्तियों को नोटिस भेजा गया लेकिन इनकी ओर से टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है।
24 लाख में से 5 लाख लोगों पर कार्रवाई – एफबीआर ने टैक्स नहीं भरने वाले 24 लाख लोगों में से एक मानदंड के आधार पर सिम ब्लॉकिंग के लिए 5 लाख लोगों को चुना। इन लोगों ने पिछले तीन सालों में टैक्स योग्य आय घोषित की थी और वित्तीय वर्ष 2023 के लिए अपनी रिपोर्ट दाखिल नहीं की थी। बोर्ड अधिकारियों ने कहा है कि सिम कार्ड प्रतिबंध एक नया सरल तरीका है, जिससे कम आय वाले लोगों को अपने कर रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या बढ़ाया जाए।
पाकिस्तान में आतंकियों ने किया जज का अपहरण, रख दी बड़ी मांग – एफबीआर अधिकारी के अनुसार, 2023 के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तियों के सिम स्वचालित रूप से बहाल हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि एफबीआर हर सोमवार को अपनी एटीएल लिस्टिंग को अपडेट करता है। एफबीआर को वित्तीय वर्ष 2023 यावी 1 मार्च 2024 तक 42 लाख करदाता प्राप्त हुए, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 38 साथ रिटर्न प्राप्त हुए थे। यह समीक्षाधीन अवधि के दौरान मामूली वृद्धि दर्शाता है। 2022 में एफबीआर को कुल 59 लाख आयकर रिटर्न प्राप्त हुए।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website