
इस साल हज के लिए मक्का गए 98 भारतीयों की भी मौत हो चुकी है। रीति रिवाजों और कानूनों के चलते हज के दौरान मरने वाले लोगों के शवों को उनके मूल स्थान पर वापस नहीं लाया जाता है। उनके शवों को संबंधित अधिकारियों द्वारा वहीं दफना दिया जाता है।
इस साल की हज यात्रा पर सऊदी अरब की भीषण गर्मी की वजह से हाजियों के लिए मुश्किल भरी रही है। इस साल हज के दौरान होने वाली मौतों का आंकड़ा 1,000 को पार कर गया है। जैसे-जैसे मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, वैसे ही ये सवाल भी उठ रहा है कि सऊदी अरब में हुई इन मौतों के लिए खराब इंतजाम, भीषण गर्मी मौसम या फिर बड़ी तादाद में हाजियों की भीड़, किसे जिम्मेदार माना जाए। सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर ऐसी सैकड़ों तस्वीरें और वीडियो शेयर हो रहे हैं, जिनमें हाजी सड़क के किनारे बेहोश या फि मृत पड़े दिख रहे हैं। कई तस्वीरों में इन लोगों को देखकर लगता है कि लाशों को वहीं छोड़ दिया गया है।
डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी के पवित्र शहर मक्का में हज के दौरान तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। इस भीषण गर्मी के बीच आश्रय और पानी की कमी ने हजारों तीर्थयात्रियों की जान ली। सऊदी अरब में इस साल दुनिया भर से करीब 18 मुसलमानों के हज करने के लिए पहुंचे थे। हाजियों की बड़ी संख्या ने भी चीजों को बद से बदतर किया। सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौतों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। अलग-अलग रिपोर्ट के हिसाब से मरने वालों की संख्या 1,000 से ऊपर हो गई है। मिस्र, इंडोनेशिया, सेनेगल, जॉर्डन, ईरान, इराक, भारत और ट्यूनीशिया के तीर्थयात्रियों की मौतें बड़ी संख्या में हुई है।
Home / News / मक्का में हर तरफ लाशें… हज के दौरान मरने वालों की संख्या 1000 के पार, आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन?
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