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फ्लॉप हो गया चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट! बीआरआई निवेश में बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट ने उठाए सवाल


चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) चीन के साथ बेहतर व्यापार के लिए पाकिस्तान के भीतर बुनियादी ढांचे में सुधार और दूसरे एशियाई देशों को जोड़ने की एक परियोजना है। इस योजना पर चीन काफी निवेश कर रहा है। यह गलियारा पीओके, गिलगित-बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान जैसे शहरों से होकर गुजरता है।
चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) प्रोजेक्ट फेल होता दिख रहा है, जिसे दोनों देशों ने अपने लिए काफी अहम बताया है। बीआरआई निवेश घटने से चीन-पाक आर्थिक गलियारे के असफल होने की बात कही जा रही है। चीन ने 2022 की तुलना में 2023 में पाकिस्तान में अपने सीपीईसी निवेश को घटाया है। निवेश पर रिटर्न की कमी, परियोजना पूरी होने में देरी और सुरक्षा मुद्दों के कारण चीन ने 2022 की तुलना में 2023 में पाकिस्तान में अपने निवेश को 74 फीसदी तक वापस ले लिया है। यह कदम चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के हिस्से के रूप में उठाया गया है, जो कि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है।
द संडे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के बीआरआई प्रोजेक्ट में 151 देश शामिल हैं। इनमें पाकिस्तान उन पहले सात देशों में से एक है, जो 2013 में इसके शुभारंभ के समय इस ग्रुप में शामिल हुए थे। ग्रीन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट सेंटर, फानहाई इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फाइनेंस (एफआईएसएफ), फुडन विश्वविद्यालय शंघाई की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2013 में बीआरआई की घोषणा के बाद से इस प्रोजेक्ट में सहभागिता 2023 में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर 1.053 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जिसमें 634 बिलियन डॉलर निर्माण अनुबंधों में और 419 बिलियन डॉलर गैर-वित्तीय निवेश में थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का वित्तपोषण और निवेश अब 2023 में 61 बीआरआई देशों में फैला हुआ है, जिसमें 37 देशों को निवेश मिलेगा और 45 देशों को निर्माण संबंधी सहभागिता मिलेगी।