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ऑक्सफोर्ड चांसलर बनने का सपना देख रहे इमरान खान को झटका, रेस से हुए बाहर, भारतीय मूल के तीन नाम शामिल


जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का चांसलर बनने के लिए आवेदन किया था, लेकिन विश्वविद्यालय की तरफ से जारी अंतिम उम्मीदवारों की लिस्ट में उनका नाम शामिल नहीं है। अच्छी बात ये है कि इस बार तीन भारतीय उम्मीदवार चांसलर बनने की रेस में शामिल हैं।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई नेता इमरान खान को एक और झटका लगा है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने जेल में बंद पाकिस्तानी नेता का नाम चांसलर पद की रेस में ही शामिल नहीं किया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने चुनाव के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें इमरान खान का नाम शामिल नहीं है। इसके पहले पाकिस्तान की जेल से ही इमरान खान ने यूनिवर्सिटी के चांसलर पद के लिए आवेदन करके सभी को चौंका दिया था।
भारत से तीन नाम शामिल – पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की भले ही चांसलर की रेस से छुट्टी हो गई है,लेकिन भारत के लिए अच्छी खबर है। इस बार चांसलर की रेस में तीन भारतीय नाम शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने बुधवार को नए चांसलर की दौड़ में शामिल 38 आखिरी नामों में घोषणा की। इसमें बर्कशायल में ब्रैकनेल फॉरेस्ट के पहले भारतीय मूल के मेयर अंकुर शिव भंडारी, अंतरराष्ट्रीय उद्यमिता के प्रोफेसर निरपाल सिंह पॉल बंघाल और मेडिकल प्रोफेशनल प्रतीक तरवडी का नाम शामिल है।
पाहली बार ओपेन आवेदन – इसके अलावा कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व नेता लॉर्ड विलियम हेग और पूर्व लेबर नेता लॉर्ड पीटर मैंडेलसन चांसलर की रेस में शामिल वरिष्ठ राजनेताओं में शामिल हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि पहली बार खुले आवेदन आमंत्रित गिए गए थे और चांसलर चुनाव समिति ने नियमों के अनुसार सभी आवेदनों की समीक्षा की।
इसके पहले इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने उनके ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का चांसलर बनने के लिए आवेदन की जानकारी दी थी। पीटीआई नेता जुल्फिकार बुखारी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ‘इमरान खान के निर्देशानुसार, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चांसलर चुनाव 2024 के लिए उनका आवेदन पत्र जमा कर दिया गया है।’
इमरान खान क्यों हुए बाहर? – अब यूनिवर्सिटी से जारी की सूची से साफ हो गया है कि इमरान खान इस रेस में शामिल नहीं हैं। ऑक्सफोर्ड ने कहा है कि सभी आवेदकों को इसके फैसले के बारे में जानकारी दे दी गई है। हालांकि, ऑक्सफोर्ड ने नाम खारिज किए गए जाने का कोई कारण नहीं बताया, लेकिन कुछ विशेषज्ञों ने संकेत दिया था कि खान को अपने देश में आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि के चलते पद के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
चांसलर पद के चुनाव के लिए 28 अक्तूबर को पहले दौर की वोटिंग शुरू होगी, जिसमें मतदाता उम्मीदवारों को रैंक कर सकेंगे। 4 नवम्बर से शुरू होने वाले सप्ताह में शीर्ष पांच उम्मीदवार 18 नवम्बर से शुरू होने वाले दूसरे दौर के मतदान में शामिल होंगे। ऑक्सफोर्ड के नए चांसलर की घोषणा 25 नवम्बर को किए जाने की संभावना है।