
बदलती जनरेशन प्यार भरी बातें करने के लिए कौनसी भाषा का सहारा लेती होगी, यह सवाल किसी ना किसी के दिमाग में तो आता ही होगा। साल 2024 के रेट्रोस्पेक्टिव में इस बात का भी खुलासा हो गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि न्यू जनरेशन हिन्दी-इंग्लिश छोड़ किसी तीसरी लैग्वेज को तवज्जो दे रही है।
साल 2024 बेहद ही खास रहा है, इस साल भारतीय सिंगल्स कैजुअल फ्लर्टिंग से आगे बढ़कर गहरे और सार्थक बातचीत को अपनाया है। छुप-छुपकर किसी सुनसान जगह पर मुलाकात करने से लेकर घर पर मूवी नाइट्स तक इंजॉय करने तक प्यार भरे मूवमेंट को फील करना सीखा है। साल खत्म होने डेटिंग को लेकर अलग-अलग बदलाव देखने को मिले हैं।
अब बदलते वक्त में भारत की न्यू जनरेशन जिन्हें जेन जी भी कहा जाता है यह एक अनोखे मोड़ के साथ रोमांस को फिर से परिभाषित कर रही है। डेटिंग एप हैपन के 2024 रेट्रोस्पेक्टिव से न्यू जनरेशन के प्यार करने के तरीके को आसानी से समझा जा सकता है। जिसके बारे में हम आपको बहुत कुछ बताने वाले हैं।(सभी फोटो सांकेतिक हैं)
हिन्दी-इंग्लिश से ज्यादा पसंद हिंग्लिश – सबसे पहले कम्यूनिकेशन की बात करें तो जेन जी हिन्दी-इंग्लिश दोनों ही लैंग्वेज को छोड़ तीसरी भाषा को अपना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रोमांस के लिए हिंग्लिश 52 प्रतिशत भारतीयों के लिए प्रमुख भाषा है। जिससे बातचीत साफ और सहज होती है। इसके अलावा न्यू जनरेशन में 33% लोगों ने महसूस किया कि क्षेत्रीय भाषाएं विश्वास और संबंध बनाने में मदद करती हैं।
डेट के लिए परफेक्ट टाइम – अब अगर डेट पर जान के समय को देखें तो वीकेंड सबसे ज्यादा पसंदीदा माना गया है। खासकर 36+ आयु वर्ग के बीच, 45% लोग शनिवार और रविवार को अपनी डेट नाइट शेड्यूल करते हैं। जबकि जेन जी वीक में तुरंत मुलाकात को ज्यादा समय देते हैं।
44 प्रतिशत लोग वीक डे में डेट के लिए अधिक फ्लेक्सिबिल हैं। इसलिए वीकेंड में लंबी मुलाकात और रोमांटिक शाम के लिए एकदम सही हो सकता है, हालांकि यंग डेटर्स किसी भी दिन एक मिनी-रोमांटिक मुलाकात कर लेते हैं।
रिजेक्शन को अपनाना सीखा – 2024 में रिजेक्शन को लेकर भी कई मोड आए। 23 प्रतिशत जेन जी में रिजेक्शन को एक सबक के तौर पर देखने की संभावना अधिक है। रिजेक्शन को ठीक से हैंडल करना सबसे जरूरी भी होता है। जबकि 25 से 36 साल के लोग उम्मीदों को सावधआनी से बैलेंस कर रहे हैं। वहीं 12% लोग इस पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते हैं, हालांकि वे फ्यूचर की बातचीत में अधिक सतर्क हो जाते हैं।
डेटिंग के तरीकों में बदलाव का संकेत – सर्वेक्षण और हैपन का डेटा बताता है कि लोगों के डेटिंग के तरीके में एक बड़े बदलाव आ रहे हैं। भारतीय सिंगल्स केवल केमिस्ट्री की तलाश में नहीं हैं, बल्कि स्थायी साझेदारी की प्लांनिंग कर रहे हैं। स्थानीय भाषाओं को अपनाने से लेकर विश्वास बनाने और सप्ताह के दिनों को सहज डेटिंग रोमांच में बदलने तक सब कुछ नया और प्यारा हो रहा है। जो, शायद 2025 डेटिंग ट्रेड में भी देखने को मिलेगा।
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