
केरल तट के पास एक मालवाहक पोत में आग लगने के बाद, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने त्वरित बचाव अभियान चलाया, जिसके लिए चीनी दूतावास ने आभार व्यक्त किया है। इस जहाज पर 2,128 मीट्रिक टन ईंधन और खतरनाक माल भरा हुआ है। इस कारण यह अभी भी पर्यावरणीय जोखिम पैदा कर रहा है।
भारत में चीनी दूतावास ने केरल तट के पास एक मालवाहक पोत में आग लगने के बाद ”त्वरित एवं पेशेवर तरीके से बचाव” अभियान चलाने के लिए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का आभार व्यक्त किया है। केरल तट के पास एक कंटेनर में विस्फोट होने के बाद सिंगापुर के ध्वज वाले ‘एमवी वान हाई 503’ पोत में सोमवार को भीषण आग लग गई थी। पोत पर सवार चालक दल के 22 सदस्यों में से 18 को भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल (आईसीजी) की मदद से बचा लिया गया। आईसीजी ने नौ जून को एक बयान में बताया था कि चालक दल के सदस्यों में चीन के आठ, ताइवान के छह, म्यांमा के पांच और इंडोनेशिया के तीन नागरिक शामिल थे।
केरल से 130 समुद्री मील दूर की घटना – उन्होंने बताया कि यह घटना केरल तट से 130 समुद्री मील दूर उत्तर-पश्चिम में घटी थी। इस दौरान सिंगापुर ध्वज वाले एमवी वान हाई 503 पर विस्फोट के बाद आग लग गई। इसके बाद तटरक्षक बल के विमान ने घटनास्थल का आकलन किया और हवाई मार्ग से गिराए जाने योग्य सामान गिराया। बचाव के लिए 04 जहाजों को भेजा गया। उन्होंने बताया कि सिंगापुर के इस जहाज पर 2,128 मीट्रिक टन ईंधन और खतरनाक माल भरा हुआ है। इस कारण यह अभी भी पर्यावरणीय जोखिम पैदा कर रहा है।
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की तारीफ – चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटना का जिक्र करते हुए नौसेना एवं आईसीजी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ”भारतीय नौसेना और मुंबई तटरक्षक बल को उनके त्वरित और पेशेवर बचाव अभियान के लिए हमारा आभार। हम लापता लोगों की तलाश के अभियानों की सफलता और चालक दल के घायल सदस्यों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
आग पर पाया गया काबू – रक्षा सूत्रों ने बुधवार को कहा कि सिंगापुर के ध्वज वाले कंटेनर पोत में लगी आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पोत फिलहाल स्थिर है, लेकिन बंदरगाह की तरफ करीब 10 से 15 डिग्री झुका हुआ है। उन्होंने बताया कि इलाके में बारिश हो रही है।
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