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बच्चों को पॉटी ट्रेनिंग कब और कैसे शुरू करें? एक्सपर्ट से जानें सही समय


अगर आप हाल ही में पैरेंट बने हैं और जानना चाहते हैं कि बच्चे की पॉटी ट्रेनिंग कब से शुरू करनी चाहिए, तो यह लेख आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा। इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि बच्चे की पॉटी ट्रेन‍िंग कब से शुरू कर सकते हें।
बच्चों की परवरिश के दौरान माता-पिता को उनकी अलग-अलग उम्र के अनुसार कई बातें सिखानी होती हैं। अब जैसे- जब बच्चा छह महीने से ऊपर होता है, तो पैरेंट्स उसे धीरे-धीरे बैठाना शुरू करते हैं, और लगभग एक साल की उम्र तक उसे चलना भी सि‍खाते हैं। हालांक‍ि, हर बच्‍चे की ग्रोथ अलग होती है। लेक‍िन आमतौर पर इसी उम्र में यह सब चीजें स‍िखाई जाती हैं।
ठीक इसी तरह, करीब डेढ़ साल की उम्र आते-आते तक अधिकांश पैरेंट्स सोचने लगते हैं कि अब पॉटी ट्रेनिंग शुरू कर देनी चाहिए। लेकिन क्या यह वास्तव में सही समय है? या फिर कहीं आप जल्दीबाजी तो नहीं कर रहे? आइए, इस बारे में एक्सपर्ट से जानने की कोशिश करते हैं।
न्‍यू मॉम्‍स को यह बात करती है परेशान – डॉक्टर प्रियंका ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया है कि अक्सर न्‍यू मॉम्‍स को यह सुनने को मिलता है कि उन्होंने अब तक अपने बच्चे की पॉटी ट्रेनिंग शुरू नहीं की, जबकि उनके बच्चे ने तो बहुत पहले ही यह प्रक्रिया शुरू कर दी होती है। इस तरह की बातें नई मम्‍म‍ियों को काफी परेशान कर देती है।
क्‍या आप बेबी प्‍लान कर रही हैं ? – लेकिन डॉक्टर प्रियंका कहती हैं कि मॉम्‍स को पड़ोस या दूसरों की बातों में नहीं आनी चाहिए। अपनी बच्चे की पॉटी ट्रेनिंग तभी शुरू करें, जब बच्चा कुछ संकेत देना शुरू करे, जैसे गीले पैंट पर र‍िएक्‍शन देना या आपको इशारे से कुछ समझाने की कोशिश करना।
एक्‍सपर्ट आगे कहती हैं क‍ि, जब बच्चा बेसिक कमांड जैसे बैठना और खड़ा होना समझने और पालन करने लगे, तब ही ट्रेनिंग शुरू करना सही होता है। इसके लिए डायपर फ्री टाइम देना और नियमित शेड्यूल का पालन करना बहुत जरूरी है। इसल‍िए न्‍यू मॉम्‍स को यह बात समझनी होगी क‍ि वे धैर्य रखें और प्रेशर न लें। क्‍योंक‍ि पॉटी ट्रेन‍िंग एक जर्नी है।
मत सुनो पड़ोस वाली आंटी की बातें – डॉक्‍टर अंत में कहती हैं क‍ि पैरेंट्स वही करो, जो आपके ल‍िए और आपके बेबी के ल‍िए सही है न क‍ि पडोस वाली की आंटी के अनुसार चलें। साथ ही, वह करें जो आपके और आपके बेबी के लिए सही हो, न कि पड़ोस वाली आंटी की बातों पर चलें। इसलि‍ए इन बातों पर ध्‍यान दें।