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BLA पर अमेरिकी बैन से बलूच आंदोलन को बड़ा झटका, क्या बलूचिस्तान के अलग देश बनने का सपना पूरा हो पाएगा, समझें


बलूचिस्तान में पाकिस्तान की संघीय सरकार के खिलाफ पांच बड़े विद्रोह हुए हैं। विद्रोह का सबसे ताजा चरण 2003 में शुरू हुआ जो अभी जारी है। इसी साल मई में बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने आजादी की घोषणा की थी।
सी साल मई में जब बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने बलूचिस्तान की आजादी की घोषणा की तो इसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर नए सिरे से खींचा। बलूचिस्तान की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे नेताओं ने बलूचिस्तान गणराज्य की स्थापना का ऐलान किया और इसे पाकिस्तान के खिलाफ अपने दशकों पुराने संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया था। लेकिन अब चार महीने के भीतर ही बलूच आंदोलन को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने बलूच विद्रोही समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।
बलूचिस्तान में आजादी आंदोलन की कहानी – बलूचिस्तान के आजादी आंदोलन में बीएलए की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है और इसका प्रभाव भी बड़ा है। ऐसे में बीएलए को आतंकवादी संगठन घोषित करने से बलूच स्वतंत्रता आंदोलन को नुकसान पहुंचने की आशंका गलत नहीं है। ऐतिहासिक रूप में बलूच आंदोलन की जड़ें 1947 में जाती हैं, जब भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान का निर्माण हुआ। वर्तमान बलूचिस्तान का अधिकांश भाग उस समय कलात रियासत के अंदर आता था। ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद कलात रियासत ने खुद को आजाद घोषित कर दिया था। हालांकि, 1948 मे इसे पाकिस्तान में मिला लिया, जिसे बलूच नेता और इतिहासकार जबरन और नाजायज मानते हैं।