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पुतिन की जुबानी भारत का संदेश? ‘सेल्फ रेस्पेक्ट’ वाले कमेंट से डोनाल्ड ट्रंप चिढ़ गए होंगे


भारत के रूस से तेल खरीद पर अमेरिका की लगातार निगाहें हैं। ट्रंप की कोशिश यही है कि भारत अपना रुख बदले। इसके लिए अमेरिका ने तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। इस पर पुतिन ने जो कुछ कहा वो भारत की तरफ से खास मैसेज माना जा रहा।
कभी टैरिफ का दांव तो कभी रूस को लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका लगा है। पहले तो भारत ने दो टूक कह दिया कि रूस से हमारी मजबूत सामरिक साझेदारी है। ये कई दशकों से चली आ रही। मोदी सरकार ने जिस तरह से अमेरिका को करारा जवाब दिया, उसके बाद ट्रंप ने रूस की कंपनियों पर सख्ती दिखाना शुरू किया। उन्होंने दो रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए। हालांकि, यहां भी ट्रंप का दाल गलती नहीं दिख रही। ऐसा इसलिए क्योंकि पुतिन ने पूरे मामले में जैसा रिएक्ट किया वो बेहद अहम है। एक तरह से रूसी राष्ट्रपति ने ‘सेल्फ रेस्पेक्ट’ दांव से भारत का ही संदेश देने की कोशिश की।
ट्रंप को भारत की खरी-खरी, अब पुतिन का मैसेज – ऑपरेशन सिंदूर के बाद से यूएस प्रेसिडेंट ने कई ऐसे दावे किए जिसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया। सबसे पहले ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की। हालांकि, भारत ने इसे सीधे तौर पर नकार दिया। फिर ट्रंप ने दावा किया पीएम मोदी ने उनसे फोन कॉल पर बातचीत में रूस से तेल खरीद कम करने की बात कही है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे भी खारिज करते हुए दो टूक कह दिया कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की कोई बातचीत ही नहीं हुई। भारत के सख्त रूख से परेशान ट्रंप प्रशासन ने रूस पर दबाव के लिए अहम फैसला लिया। हालांकि, पुतिन ने जैसी प्रतिक्रिया दी वो बेहद अहम है।
क्या बैकफुट पर आएगा यूएस प्रशासन – अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में रूस की तेल कंपनियों पर सख्ती बरतते हुए कई प्रतिबंध लगाए। उन्होंने दो सबसे बड़े तेल उत्पादकों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिका ने यह कदम तब उठाया है, जब ट्रंप और पुतिन की मुलाकात को लेकर चर्चा तेज हो रही थी। हालांकि, अब ये स्पष्ट हो गया कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी। बात इस पर भी हो रही थी कि जल्द ही ट्रंप और पीएम मोदी भी मिल सकते हैं। आसियान समिट में मुलाकात की बात हो रही थी। लेकिन पीएम मोदी अब इस समिट में वर्चुअली शामिल हो रहे। ऐसे में तय हो गया कि इस साल पीएम मोदी और ट्रंप की कोई मीटिंग के आसार नहीं हैं।