
इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर माउंट आगुंग ज्वालामुखी से राख हवा में 4 हज़ार मीटर (13,100 फ़ुट) ऊपर उठने के बाद विमान कंपनियों को ‘रेड वॉर्निंग’ जारी की गई है। इस सप्ताह इंडोनेशिया के किसी द्वीप पर यह दूसरी घटना है जब ज्वालामुखी से राख निकली है और हवाई उड़ानों में बाधा आई है। हालांकि द्वीप का मुख्य एयरपोर्ट सामान्य तरीके से काम कर रहा है लेकिन कुछ विमान कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
उड़ाने रद्द होने से 60 हजार यात्री फंसे
बाली हवाईअड्डे के वायुक्षेत्र में राख पहुंचने के बाद सोमवार को तड़के हवाईअड्डा बंद कर दिया गया. उड़ानों के रद्द होने से व्यस्त हवाईअड्डे पर लोगों की भीड़ जमा हो गयी। हवाईअड्डे के एक प्रवक्ता ने कहा कि 445 उड़ानें रद्द हो गईं और करीब 59,000 यात्री फंसे हुए हैं। यहां के द्वीप की एशिया के शीर्ष द्वीपों में होती है और करीब 50 लाख सैलानी हर घूमने के लिए आते हैं। जानकारी के मुताबिक हवाईअड्डा मंगलवार तक बंद रहेगा। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि हर छह घंटे में स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
अपनी यात्राएं टालने की नागरिकों सलाह
अॉस्ट्रेलिया और यूके समेत कई देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों को इस द्वीप की यात्रा न करने की सलाह दी है।इस दौरान मलेशिया के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि इंडोनेशिया आने वाले यात्रियों को तत्काल यात्रा में देरी करनी चाहिए। साथ उन्होंने कहा कि मौसम के बदलाव के अधार पर ही इंडोनेशिया में दूसरे हवाई अड्डों को भी बंद किया जा सकता है। प्रमुख जापानी यात्रा ब्यूरो जेटीबी कॉर्प के एक प्रवक्ता ने कहा कि सोमवार को जापान से प्रस्थान करने वाले सभी उड़ानों को हवाईअड्डे बंद होने के कारण रद्द कर दिया गया। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग अपनी यात्रा की तारीख बदल नहीं सकते हैं और अन्य गंतव्यों के माध्यम से जा रहे हैं जबकि अन्य तिथियां बदल रहे हैं।
जलमार्ग से जकार्ता पहुंचे का विकल्प मौजूद
हालांकि सैलानी अब भी बाली को छोड़ सकते हैं। इसके लिए उन्हें गिलिमानुक बंदरगाह से जावा द्वीप पहुंच जाएं। यहां से कार, ट्रेन या हवाई जहाज के माध्यम से राजधानी जकार्ता पहुंच सकते हैं। इसके अलावा सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लोगों को जलमार्ग के जरिए उनके गनतव्य तक पहुंचाने के लिए 100 बसें प्रदान की गई हैं। इसके अलावा वे वहीं रहकर उड़ानों के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर सकते हैं लेकिन इस दौरान वेटिंग काफी लंबी हो जाएगी। इन परिस्थति में इंडोनेशिया के पर्यटन मंत्रालय ने प्रभावित मेहमानों के लिए एक रात का मुफ्त आवास प्रदान करेगा।
राख फैलने पर लोगों को बांटे जा रहे मास्क
आधिकारिक प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुग्रोहो ने जकार्ता में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खतरे के क्षेत्र का दायरा बढ़ने से अब 22 गांव और करीब 90,000 से 1,00,000 लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 40,000 लोगों को बाहर ले जाया गया है। इसके अलावा इनडोनेशियन सरकार ने लोगों को मास्क पहनकर रहने की सलाह दी गई। इसके चलते प्रभावित क्षेत्र के आसपास रह रहे नागरिकों को मास्क भी बांटे जा रहे हैं।
सौ मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया धुआं
ज्वालामुखी का क्षेत्र माउंट आगुंग के आसपास का है। यह क्षेत्र पर्यटकों की मनपसंद जगह कुटा से 75 किलोमीटर दूर है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों से अन्यत्र जाने की अपील की गई है। ज्वालामुखी विशेषज्ञ गेडे साउनतिका ने बताया, ‘ ज्वालामुखी की चेतावनी को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया गया है। यहां लगातार हो रहा कंपन महसूस किया जा सकता है।’ उन्होंने बताया कि मंगलवार से ज्वालामुखी से बड़े पैमाने पर गुबार निकल रहा है और सोमवार सुबह धुआं 3,400 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया था।
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