
दुबई: बड़ी संख्या में विदेशी श्रमिकों को रोजगार देकर उन्हें कर मुक्त जीवनशैली का भरोसा देने वाले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.)जैसे खाड़ी देश भी अब कर लगाने की राह पर चलने की योजना बना रहे हैं।
3 साल पहले कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी के चलते राजस्व को बढ़ाने के लिए उनकी योजना अगले साल से अधिकतर वस्तु एवं सेवाओं पर 5 प्रतिशत कर लगाने की है। यह मूल्य वद्र्धित कर (वैट) खाने-पीने, कपड़ों, इलैक्ट्रॉनिक्स और गैसोलिन के साथ-साथ फोन, पानी-बिजली बिल और होटल में कमरों की बुकिंग पर लगाए जाने का प्रस्ताव है।
सऊदी में किन चीजों पर लगेगा टैक्स
सऊदी अरब और यू.ए.ई. में खाना, कपड़े, इलैक्ट्रॉनिक्स और गैसोलीन जैसे आइटम्स की रेंज पर वैट लगाया जाएगा। अगले साल यानी 2018 से इन आइटम्स पर 5 प्रतिशत वैट देना होगा। इसके अलावा फोन, वाटर और इलैक्ट्रिक बिल तथा होटल रिजर्वेशन पर भी वैट देना पड़ेगा।
कुछ चीजों पर रहेगी छूट
वैट से हालांकि कुछ चीजों को अलग रखा जाएगा। इसमें किराया, रीयल एस्टेट सेल्स, कुछ दवाइयां, एयरलाइन टिकट्स और स्कूल ट्यूशन आदि शामिल हैं। हालांकि हायर एजुकेशन के लिए यू.ए.ई. में टैक्स देना होगा। यूनिफॉर्म, बुक्स, स्कूल बस फीस और लंच के लिए स्कूल को किए जाने वाले एक्स्ट्रा पेमैंट पर पैरेंट्स को टैक्स देना होगा।
यूरोपीय देशों से अभी भी कम है टैक्स
सऊदी और यू.ए.ई. में 5 प्रतिशत वैट के बाद भी यहां टैक्स रेट यूरोपीय देशों की तुलना में काफी कम है। कुछ यूरोपीय देशों में औसतन 20 प्रतिशत वैट रेट है। ऐसे में यदि यूरोपीय देशों से तुलना की जाए तो सऊदी अभी भी महंगा नहीं है।
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