
ढाका: बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को कहा कि बड़ी संख्या में रोहिंग्या की मौजूदगी से देश को सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
हसीना ने सोमवार शाम ढाका के जातीय संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में स्वीडन के नव नियुक्त राजदूत कार्लोट सिल्टर से शिष्टाचार भेंट के दौरान कहा कि कोक्स बाजार में बड़ी संख्या में रोहिंग्या की मौजूदगी से बंगलादेश को सामाजिक-आर्थिक, पर्यावरणीय और जनसांख्यिकी दबावों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक के बाद हसीना के मीडिया सचिव एहसानुल करीम ने पत्रकारों को बताया कि हसीना ने कहा कि बंगलादेश रोहिंग्या को वापस स्वदेश भेजने के लिए म्यांमार के साथ बातचीत कर रहा है। सरकार रोहिंग्या को अस्थायी रूप से शरण देने के लिए एक द्वीप का निर्माण कर रही है।
सिल्टर ने उनको एक बार फिर से भरोसा दिलाया कि उनका देश रोहिंग्या को मुद्दे पर बंगलादेश के साथ है। हसीना ने इस संबंध में स्वीडन की सशक्त भूमिका की सराहना की। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अगस्त महीने में साढे छह लाख रोहिंग्या म्यांमार सेना की दमनात्मक कार्रवाई के बाद रखाइन प्रांत से भागकर बंगलादेश आ गए थे।
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