
सियोलः इन दिनों पूरी दुनिया की निगाहें विंटर ओलिम्पिक पर लगी हुई हैं। सभी की दिलचस्पी यहां पर आए खिलाडि़यों के पदक जीतने से ज्यादा दूसरी चीजों की तरफ लगी हुई है। यह दूसरी चीजें कुछ और नहीं बल्कि कोरियाई प्रायद्वीप के दो प्रतिद्वंदी का साथ आना है। दुनिया के सभी देश उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं के एक साथ आने को बड़ी हसरत से देख रहे हैं। इस विंटर ओलिम्पिक की रंगारंग शुरुआत के दौरान सभी की निगाहें वीआईपी लॉन्ज में लगी रही। यहां पर उत्तर कोरिया के प्रमुख की बहन को स्पैशल वीआईपी गेस्ट के तौर पर तवज्जो दी गई थी। इतना ही नहीं इस दौरान उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच खेल से अलग बातचीत भी हुई। यह वास्तव में शांति की तरफ इन देशों का यह पॉजीटिव रेस्पांस था।
इस ओलिम्पिक में अमरीकी उप-राष्ट्रपति माइक पेंस के ठीक पीछे तानाशाह किम की बहन भी मौजूद थीं। हालांकि इस दौरान इन दोनों ने औपचारिक रूप से हाथ तक नहीं मिलाया था। माइक पेंस के पास जापान के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। लेकिन इन सबसे बढ़कर इस ओलिम्पिक में कुछ और भी देखने को मिला। ये था किम जोंग उन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाथ मिलाना और गले मिलना। चौंक गए न। लोग सोच रहे थे कि कि आखिर ये कैसे संभव हो सकता है, जबकि ट्रंप अमरीका में मौजूद थे। आप सोच रहे होंगे कि एक इंसान दो जगहों पर कैसे हो सकता है और इसकी खबर दुनिया को पहले क्यों नहीं लगी।
दरअसल फोटो में दिखाई देने वाले दोनों शख्स वास्तव में नकली किम और ट्रंप हैं। असल जिंदगी में किम का किरदार रखने वाले इंसान का नाम हावर्ड है जो पेशे से हॉंगकॉंग में म्यूजिशियन है। हावर्ड बताते हैं कि उनका चेहरा किम से काफी मिलता है, इसको लेकर लोग काफी हैरान हो जाते हैं। हालांकि कई बार वह इसको लेकर खुद भी मुश्किल में फंस जाते हैं। इसके लिए वह ज्यादातर आंखों पर चश्मा और सिर पर हैट लगाकर सड़क पर निकलते हैं। वहीं ट्रंप की शक्ल में दिखाई देने वाले हावर्ड के ही एक दोस्त डेनिस एलन हैं जो शिकागो के हैं। हावर्ड पहली बार 2013 में किम के तौर पर लोगों के सामने आए थे। इन दोनों का ये भी कहना है कि इस किरदार को वह काफी एन्ज्वाए करते हैं। बहरहाल भले ही आप इन्हें फेक कैरेक्टर का नाम दें लेकिन असल में ये दोनों एक साथ आकर अमन और शांति का तो पैगाम दे रही रहे हैं।
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