
कराची। पाकिस्तान में सिंध प्रांत के थार की रहने वाली कृष्णा कुमारी कोलही ने इतिहास रच दिया है। कोहली पाकिस्तान में सीनेटर चुनी जाने वाली पहली हिंदू-दलित महिला बन गई है। सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की तरफ से पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थार से कृष्णा कुमारी मुस्लिम देश में पहली महिला सीनेटर बनीं। बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी ने अल्पसंख्यक के लिए सीनेट की एक सीट की एक सीट पर उन्हें नामाकंन किया था।
कृष्णा अपने भाई के साथ एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पीपीपी से जुड़ी थीं। बाद में उनके भाई को यूनियन काउंसिल बेरानो का चेयरमैन चुना गया। कृष्णा ने कहा था कि उनके पास नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज हैं।
39 साल कृष्णा कुमारी कोलही मुस्लिम बहुल पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थार की रहने वाली है। कृष्णा का जन्म 1979 में सिंध के नगरपारकर जिले के एक दूरदराज गांव में हुआ था। कृष्णा का संबंध स्वतंत्रता सेनानी रूपलो कोलही के परिवार से है। ब्रिटिश उपनिवेशों की सेना ने 1857 में जब सिंध पर हमला किया था, तब उसके खिलाफ रूपलो ने भी युद्ध में हिस्सा लिया था।
कृष्णा जब 16 साल की थीं, तभी उनका विवाह लालचंद से हुआ। उस समय वह नौवीं कक्षा में पढ़ रही थीं। हालांकि शादी के बाद भी उन्होंने शिक्षा जारी रखी और 2013 में सिंध यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website