
कराचीः कुछ दिन पहले सड़क पर मृत पड़े कुत्तों की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर का सच सामने आ गया है। इस वायरल तस्वीर को रूस का बताया गया था लेकिन वास्तव में वह नजारा पाकिस्तान का था। साल 2016 में कराची की गलियों में आवारा कुत्तों की संख्या को कम करने के प्रयास में यह सब किया गया था। विश्वकप के पहले डर था कि रूस प्रशंसकों के आगमन के समय में आवारा कुत्तों को खत्म करने की कोशिश करेगा। हालांकि उप प्रधानमंत्री विटाली मुट्को ने कहा कि जानवरों को पकड़ा जाएगा और उन्हें आश्रय में रखा जाएगा।
एक ट्विटर यूजर ने तस्वीर पोस्ट की है जिसमें यह बता दिया गया कि सड़क पर मरे पड़े ये कुत्ते रूस के किसी इलाके के हैं। लेकिन इस तस्वीर में 50 मृत कुत्तों से ज्यादा नहीं दिख रहे हैं, यह वास्तव में पाकिस्तान में दो साल पहले लिया गया था। फैबियो नाम के एक अन्य ट्विटर यूजर ने भी साल 2016 के रॉयटर्स के एक आर्टिकल की तस्वीर शेयर की। इसमें खुलासा किया था कि कराची में कैसे 700 कुत्तों को पकड़ा और जहर देकर मारा गया था।
साल 2016 के जुलाई-अगस्त में पाकिस्तान के दक्षिणी शहर कराची में अधिकारियों ने 700 से अधिक आवारा कुत्तों को कुछ दिन में जहर देकर मार डाला गया था। कुत्तों के शव सड़कों पर कई जगहों पर तितर-बितर पड़े हैं। बताया गया कि चिकन मीट के अंदर जहर छिपाकर इन कुत्तों को दिया गया था। नगर पालिका के कर्मचारी इन कुत्तों के शवों को दफनाने के लिए जमा कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया था कि आवारा कुत्तों से छुटकारा पाने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत पूरे शहर में हजारों कुत्तों को मारा गया। हालांकि, उनके पास अब तक यह आंकड़ा नहीं हैं कि इस अभियान के तहत कुल कितने कुत्तों को मारा गया है। बताया गया कि 20 करोड़ की आबादी वाले इस शहर में कुत्तों ने हजारों लोगों को काटा था।
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