
लंदनः अमरीका का सीक्रेट डाटा अपनी वेबसाइट पर लीक करने और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में फंसे विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे (47) को लंदन में इक्वाडोरियन एम्बेसी में रहते इसी महीने छह साल पूरे हो गए। वे यहां एक स्टूडियो अपार्टमेंट के 3 मीटर बाय 6 मीटर के कमरे में रहते हैं। मार्च 2018 से उनका इंटरनेट कनेक्शन भी काट दिया गया है। गिरफ्तारी के डर से असांजे ने 2012 में दूतावास में शरण ली थी। असांजे के खिलाफ अमरीका द्वारा जांच जारी है।
जमीन पर लगा है बिस्तर:असांजे को पनाह देने के बारे में इक्वाडोर का तर्क है कि असांजे के ख्यालों की आजादी और प्रेस फ्रीडम के चलते किसी भी पल ऐसी स्थिति बन सकती है जब उनकी जिंदगी खतरे में आ जाए। इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति रफारल कोरेया कह चुके हैं कि असांजे जब तक चाहें उनके दूतावास में रह सकते हैं। असांजे दूतावास की एक बालकनी में आकर स्पीच देते हैं। असांजे के कमरे में नीचे बिछाने वाला एक बिस्तर, फोन, सन लैम्प, कम्प्यूटर, शाॅवर, ट्रेडमिल और किचन है। जब से वे दूतावास में रहने आए हैं, यहां आने वाले मेहमानों की संख्या अचानक बढ़ गई है। विजिटर में लेडी गागा तक शामिल हैं। दूतावास को अपना स्टाफ बढ़ाकर दोगुना करना पड़ा है। बाहर पुलिस तैनात की गई है। छोटा-सा दूतावास छह साल से बड़े महत्व वाला हो गया है।
रोज 8 किमी लगाते है दौड़ : लंदन के मशहूर टीवी डायरेक्टर केल लोच ने असांजे को ट्रेडमिल गिफ्ट किया है जिस पर हर दिन वो 8 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। हर दूसरे दिन वे ब्रिटेन के पूर्व स्पेशल एयर सर्विस के ऑफिसर के साथ वर्कआउट भी करते हैं। उन्हें बाथरूम शेयर करना पड़ता है। कमरे के एक कोने में उन्होंने गोल मीटिंग टेबल रखा है, जहां पत्रकारों और साथियों से मुलाकात करते हैं। यहां दूतावास के स्टाफ से बात करने के लिए स्पैनिश डिक्शनरी है और क्यूबा के शहर गुआनतनामो पर एक किताब। कहा जाता है कि वे अपने फर्नीचर की जगह भी बार-बार बदलते रहते हैं।
6 सालों से ईमारत से नहीं निकले बाहरः असांजे दिन के 17 घंटे काम करते हैं, लेकिन फिर भी फिल्में देखना बंद नहीं करते। पिछले 6 सालों में उन्होंने एक बार भी इस इमारत से पैर बाहर नहीं रखा है। असांजे का इंटरनेट कनेक्शन इसलिए काटा गया क्योंकि उन्होंने लिखित में वादा किया था कि वह बाकी देशों से रिश्तों को लेकर कोई मैसेज नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। असांजे ने विकीलीक्स की वेबसाइट पर इराक युद्ध से जुड़े 4 लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए थे। इसके जरिए उन्होंने अमेरिका, इंग्लैंड और नाटों की सेनाओं पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया था। यह भी आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूसी खुफिया एजेंसियाें ने हिलेरी क्लिंटन के कैम्पेन से जुड़े ईमेल हैक कर विकीलीक्स को दे दिए थे।
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