
वॉशिंगटनः अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस हफ्ते फिर से ईरान पर प्रतिबंध लगाए जाने का ईरान खतरनाक तरीके से बदला ले सकता है। साइबर सुरक्षा और खुफिया विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप से बदला लेने के लिए ईरान अमरीका पर साइबर हमले कर सकता है। ट्रंप द्वारा 2015 के परमाणु करार से कदम वापस खींचे जाने के बाद मई से ही ईरान की तरफ से साइबर हमले किए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
विशेषज्ञों ने कहा कि खतरा मंगलवार को और बढ़ गया जब अमरीका ने तेहरान के खिलाफ आर्थिक पाबंदियों को फिर से लागू कर दिया। उधर, ईरान ने अपनी साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल आक्रामक उद्देश्यों के लिए किए जाने से इंकार किया है। उसने अमरीका पर खुद को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया है।
हालांकि रिकॉर्डेड फ्यूचर नाम की एक साइबर सुरक्षा कंपनी ने कहा कि उसने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान ईरान की धमकी भरी गतिविधियों से जुड़ी बातचीत में इजाफा देखा है। अमरीका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय में पूर्व ईरान प्रबंधक नॉर्म रूल ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस बात की आशंका है कि ईरान साइबरस्पेस में प्रतिरोध दर्ज कराएगा।
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