
लंदनः वॉट्सएप जैसी सोशल मीडिया तकनीक के कारण हिंसा को किस तरह से बढ़ावा मिल रहा है इसकी उदाहरण उस समाने आई जब लंदन के साउथ ईस्ट स्थित केंट में दो छात्रों के बीच वॉट्सएप ग्रुप में ‘गे’ विषय पर शुरू हुआ विवाद कत्ल तक पहुंच गया। पॉल और जॉर्डन एक ही कालेज में पढ़ाई करते थे।दोनों एक दूसरे को थोड़ा बहुत जानते थे और एक ‘आइस सिटी बॉएज़’ वॉट्सएप ग्रुप में शामिल थे। अप्रेल 2017 में इस ग्रुप पर ‘गे’ विषय पर दोनों के बीच विवाद हुआ और दोनों एक दूसरे को गे होने का ताना देने लगे।
ग्रुप के दूसरे लड़कों ने दोनों को शांत करने की कोशिश की लेकिन विवाद बढ़ता ही चला गया। पॉल ने ‘गे’ विषय पर तानेबाज़ी करते हुए जॉर्डन को सनकी लड़का कह दिया तो जवाब में जॉर्डन ने पॉल को ताना दिया और एक तरह से उसकी मां पर अश्लील कमेंट कर दिया। यह बात पॉल को बर्दाश्त नहीं हुई और बहस इतनी बढ़ी कि दोनों ने लड़ने के लिए एक दूसरे को चैलेंज कर दिया।
दोनों शूटर्स हिल पर मिले और फिर लड़ाई शुरू हुई। इस दौरान वॉट्सएप ग्रुप पर जुड़े कुछ और लड़के भी वहां पहुंचे थे। पॉल और जॉर्डन के बीच हाथापाई शुरू हुई और एक दो मिनट बाद ही पॉल ने चाकू निकालकर जॉर्डन पर हमला कर दिया। यह देखकर कुछ लड़के वहां से भाग खड़े हुए। पॉल ने चाकू से तब तक हमले किए जब तक जॉर्डन बेसुध होकर ज़मीन पर नहीं गिर पड़ा और कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद पॉल टैक्सी में बैठकर वहां से फरार हो गया। पॉल ने अपने फोन को भी नष्ट करने की कोशिश की लेकिन वह इसमें भी नाकाम रहा। पुलिस ने स्निफर डॉग और बरामद हुए पॉल के फोन की मदद से इस कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया। इसी साल यानी 2018 में पॉल को कत्ल के इल्ज़ाम में उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई।इस पूरे मामले के बाद बहस यह छिड़ गई है कि वॉट्सएप जैसी सोशल मीडिया तकनीक के कारण हिंसा को किस तरह से बढ़ावा मिल रहा है।
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