
इतना तो हम सब जानते ही हैं समुद्र शास्त्र में इंसान के पूरे शरीर के बारे में पूरे अच्छे तरह से बताया हुआ है। आज हम आपको इसी में दी गई जानकारी के बारे में बताने जा रहे हैं। अक्सर हम में से बहुत से लोगों ने महसूस किया होगा कि कभी-कभी हमारे शरीर के कुछ फड़फड़ाने लगते हैं। कुछ लोग तो इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। तो बहुत से लोग इस पर ध्यान देत हैं, सोचने लगते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है और अगर होता है तो आखिर इसका मतलब क्या होता है तो चलिए आपको बताते है, इसके फड़फड़ाने से क्या होता है।
यहां जाने इससे जुड़े पांच शकुन और अपशकुन के बारे में-
बाएं कान का फड़कना शकुन माना जाता है। समुद्र शास्त्र के अनुसार, इस स्थिति में व्यक्ति को कोई शुभ समाचार मिलने वाला होता है। व्यक्ति की मेहनत रंग लाने वाली होती है।
समुद्र शास्त्र में दाएं कान का फड़कना भी शकुन माना गया है। कहते हैं कि यह किसी बड़े कद वाले व्यक्ति से मुलाकात का संकेत है। उस व्यक्ति से मिलकर आपको कई लाभ हासिल हो सकते हैं।
कई बार कान के पीछे का हिस्सा फड़कने लगता है। सामुद्रिक शास्त्र में इसे अपशकुन माना गया है। कहते हैं कि इस स्थिति में दोस्तों से आपका अपमान होने वाला होता है।
बाएं कान के सामने वाले हिस्से पर तिल का होना अपशकुन माना जाता है। समुद्र शास्त्र के मुताबिक, ऐसे लोगों को जीवनसाथी बड़ी मुश्किल से मिलता है। इन्हें अकेले रहने की आदत हो जाती है।
समुद्र शास्त्र की मानें तो बाएं कान के पीछे तिल होना अपशकुन है। माना जाता है कि ऐसे लोग धन के लोभी होते हैं। इन्हें सच्चा दोस्त बड़ी मुश्किल से मिलता है।
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