
इतना तो लगभग सब जानते ही होंगे कि अगर जीवन में कभी धन से संबंधी कोई परेशानी आती है तो उसका ज्यादातर कारण वास्तु होता है। इसके साथ ये भी कहा जाता है कि इन समस्याओं का कारण घर या दुकान में मौज़ूद वास्तु दोष भी होता है। क्योंकि हम में से बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिन्हें इसके बारे में पता नहीं होता। जिसके चलते वो बहुत सी बातों को अनदेखा कर देता है। लेकिन वास्तु और ज्योतिष के अनुसार इन सभी बातों को अनदेखा करने से कभी-कभी बहुत बड़ी परेशानियों से जुझना पड़ता है। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताते हैं जो देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश से जुड़ी हैं।
सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि बैंक और पर्स में धन की कमी को दूर करने के लिए प्रथम पूज्य गणेश जी और धन की देवी लक्ष्मी की प्रतिमा को बिल्कुल सही स्थान पर रखें।
घर का उत्तरी हिस्सा धन संपत्ति का द्वार होता है, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या तस्वीर इसी दिशा में स्थापित करें, नीचे लाल कपड़ा बिछाएं। शास्त्रों के अनुसार गणपति जी को महालक्ष्मी का मानस-पुत्र माना गया है। गणेश जी की मूर्त को महालक्ष्मी की मूर्त के बाएं तरफ विराजित करें। आदिकाल से पत्नी को च्वामांगीज् कहा गया है। बायां स्थान पत्नी को ही दिया जाता है। अतः कभी भी लक्ष्मी-गणेश को इस प्रकार स्थापित करें कि महालक्ष्मी सदा गणपति के दाहिनी ओर ही रहें, तभी पूर्ण फल प्राप्त होगा।
पास बुक, चैक बुक और बैंक खाते से संबंधित कागज लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा के समीप अथवा श्रीयंत्र के पास रखने चाहिए। उचित स्थान पर न रखने से नकारात्मकता हावी होती है। जिसका असर बैंक बैंलेस पर पड़ता है।
धातु से बनी लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा शुभता की सूचक है। आपका जो भी सोने-चांदी या रत्नों से बना सामान है, उसे इसी प्रतिमा के पास रखें।
धन से संबंधित किसी भी तरह के कागजात जैसे शेयर, इंश्योरेंश आदि को लक्ष्मी स्वरूप अथवा श्री यंत्र के पास रखें।
धन रखने के स्थान अथवा तिजोरी में काली हल्दी रखें, संपत्ति को नज़र नहीं लगती और धन में बढ़ौतरी होती है।
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