
अमेरिका में सेंट्रल मिशिगन के रहने वाले शख्स हॉबर्ड किर्बी (64) ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कुछ दिन पहले एक सेकेंड हैंड शॉपिंग सेंटर से एक पुराना सूटकेस खरीदा था। जब उनकी बेटी ने उसे खोलकर देखा तो पूरे परिवार की आंखें फटी रह गईं। सूटकेस रुपयों से भरा हुआ था और उसमें करीब 30 लाख 54 हजार रुपए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले तो परिवार को इतने सारे रुपए देखकर समझ नहीं आया कि इसका क्या करें? हॉबर्ड ने सोचा कि इन पैसों से वह अपने घर का कर्ज चुका सकते हैं और रिटायरमेंट लेकर अच्छी जिंदगी गुजार सकते हैं। इसी बीच उन्होंने अपनी वकील से भी सलाह ली। उनके वकील ने भी कहा कि वह इन पैसों को अपने पास रख लें, क्योंकि इन पैसों को लेकर कोई भी आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं सकता है। हालांकि बाद में हॉबर्ड ने सोचा कि वह इन पैसों को उसके असली मालिक को लौटा देंगे। इस बारे में उन्होंने अपने एक रिश्तेदार से भी सुझाव मांगा, जिसके बाद उनके रिश्तेदार ने भी उनके फैसला का समर्थन किया।
इसके बाद हॉबर्ड ने नोटों से भरा वो सूटकेस उसी शॉपिंग सेंटर के मैनेजर को लौटा दिया, जहां से उन्होंने वो सूटकेस खरीदा था। जब इस सूटकेस के असली मालिक की खोजबीन हुई तो पता चला कि वह न्यूबेरी के एक परिवार का है। उस परिवार ने पिता के निधन के बाद उनके सूटकेस को बिना यह पता किए कि उसके अंदर क्या है, उसको अन्य सामानों के साथ एक सेकेंड हैंड शॉपिंग सेंटर को दान कर दिया।
दरअसल, यह शॉपिंग सेंटर जरूरतमंद लोगों को सस्ते में चीजें उपलब्ध करवाता है। शॉपिंग सेंटर के मालिक ने हॉबर्ड किर्बी की ईमानदारी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके द्वारा सूटकेस लौटा देने के बाद यह हमारी जिम्मेदारी बनती थी कि उन पैसों को उसके असली मालिक तक पहुंचाया जाए।
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