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ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने पूर्व कोच डैरेन लेहमन के बयान से लगा होगा झटका, बोले- भारत कर सकता है पलटवार


ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच डैरेन लेहमन का मानना है कि एडिलेड में पहले टेस्ट में करारी हार के बावजूद भारत के पास ऐसे स्तरीय खिलाड़ी हैं जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की मौजूदा टेस्ट सीरीज में पासा पलट सकते हैं। एडिलेड ओवल में दूसरी पारी में भारतीय टीम सिर्फ 36 रन पर सिमट गई थी जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में उसका न्यूनतम स्कोर है। ऑस्ट्रेलिया ने यह डे-नाइट टेस्ट आठ विकेट से जीतकर बॉर्डर-गावसकर ट्रोफी में 1-0 की बढ़त बनाई।
लेहमन ने ‘एसए स्पोर्ट्सडे’ से कहा, ‘अब उनके लिए चीजें मुश्किल होंगी लेकिन उनके पास कुछ स्तरीय खिलाड़ी हैं जो लय में आ जाएं तो पासा पलट सकते हैं।’ ऑस्ट्रेलिया के 50 साल के पूर्व बल्लेबाज लेहमन का मानना है कि भारत के पास प्रभावी गेंदबाजी आक्रमण है और अगर उनके बल्लेबाज उछाल लेती गेंदों से निपट सके तो मेहमान टीम सीरीज में वापसी कर सकती है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। इस मैच के हीरो यानी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मैन ऑफ द मैच) को जॉनी मुलाग मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इसका ऐलान क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने किया है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिरी यह जॉनी मुलाग कौन हैं? जिनके नाम पर यह पदक दिया जा रहा है तो आइए जानते हैं इस बारे में।
दरअसल, जॉनी मुलाग विदेशी दौरे पर जाने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान थे। उनकी अगुवाई में 1868 में टीम ने ब्रिटेन का दौरा किया था। यह टीम अंतरराष्ट्रीय दौरा करने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम थी।

मुलाग का असली नाम उनारिमिन था और उन्होंने 1868 में क्षेत्रीय टीम का नेतृत्व किया था। इस दौरे में उन्होंने 47 में से 45 मैच खेले थे और लगभग 23 की औसत से 1698 रन बनाए थे।

उन्होंने 1877 ओवर भी किए जिसमें से 831 ओवर मेडन थे और 10 की औसत से 245 विकेट लिए। अपने करियर में उन्होंने कामचलाऊ विकेटकीपर की भूमिका भी निभायी और चार स्टंपिंग की।

 

उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर वे गेंद से परेशान कर सकते हैं, यह इस पर निर्भर करेगा कि बल्लेबाज उछाल से निपट पाते हैं या नहीं। एमसीजी की पिच उनके अधिक अनुकूल होगी क्योंकि यह थोड़ी सपाट है।’ लेहमन ने कहा, ‘इसलिए हमें देखना होगा कि उनके बल्लेबाज वापसी करते हुए कुछ रन बना सकते हैं, विशेषकर पहली पारी में। यह उनके लिए अहम होगा।’

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच भारतीय टीम के लिए बेहद खास है, क्योंकि एडिलेड में खेले गए पहले मैच में उसे हार मिली थी। उसकी पूरी कोशिश होगी कि मेलबर्न में वापसी करे, लेकिन बॉक्सिंग डे टेस्ट इतिहास पर नजर डालें तो उसका रेकॉर्ड बेहतर नहीं है।
अभी तक उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट के रूप में 8 मैच खेले हैं। इस दौरान उसे 5 में हार मिली है, जबकि एक टेस्ट में जीत। दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। जिस मैच में जीत मिली है वह 2018 में खेला गया था। इस तरह उसे रेकॉर्ड के विपरित बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

दोनों टीमों के बीच पहला बॉक्सिंग डे टेस्ट 1985 में खेला गया था। यह मैच ड्रॉ रहा था। इस मैच में भारत के कप्तान कपिल देव थे, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी एलन बॉर्डर कर रहे थे।

मौजूदा सीरीज की बात करें तो फिलहाल परिस्थितियां अलग हैं। नियमित कप्तान विराट कोहली की सेवा भारतीय टीम को नहीं मिलेगी, क्योंकि वह पैटरनिटी लीव पर रहेंगे। एक ओर जहां भारतीय खिलाड़ी संघर्ष कर रहे हैं तो दूसरी ओर, कंगारू टीम पूरे फॉर्म में दिख रही है।

विराट कोहली और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के बिना उतरेगी। कोहली अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट गए हैं जबकि शमी को पहले डे-नाइट टेस्ट के दौरान हाथ में फ्रैक्चर हो गया।