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अपनी रसोई में ही आप कर सकते हैं नवग्रहों का उपचार


हर तरफ से हताश और निराश व्यक्ति जब किसी ज्योतिष विद्वान के पास जाता है तो वे छोटे-बड़े उपायों के द्वारा ग्रह दशा या ग्रहों की शुभता बढ़ाने का प्रयत्न करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की धन खर्च किए बिना भी आप अपनी रसोई घर के सामान से और किचन की पोजीशन से अपनी कुंडली और वास्तु से संबंधित कई समस्याओं का उपचार कर सकते हैं। घर की रसोई में अन्नपूर्णा मां, आग्नि देव के अतिरिक्त नवग्रह भी विराजित होते हैं। रसोई को अग्नि का स्थान माना जाता है और इसमें सभी दोषों को दूर करने की क्षमता होती है।
रसोई में रखी हल्दी से बृहस्पति ग्रह को शुभ कर सकते हैं। थोड़ी सी हल्दी हर गुरुवार को किसी धर्म स्थान पर चढ़ाने से धन में वृद्धि होती है।
घर में मौजूद मसूर की दाल और चीनी ये दोनों मंगल की पूरक वस्तुएं हैं। इसके दान से मंगल के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
हरी मूंग बुध का कारक है। पक्षियों को हरी मूंग खिलाने से बुध की शुभता बढ़ती है।
अपनी रसोई में मसालों की पोजीशन हमेशा साउथ में रखें खासकर गर्म मसाले जो मंगल की कारक वस्तु है। इससे घर के वास्तु में भी असर पड़ता है।
घर की रसोई की दिशा पूर्व की ओर या फिर साउथ ईस्ट की ओर होने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। अगर ऐसा न हो तो कोशिश करें की आप भोजन खाते समय अपना मुंह पूर्व की ओर करें।
रसोई में अधिक मात्रा में चावल रखने से चंद्र की शुभता बढ़ती है।
रसोई में गुड़ अवश्य रखें, इससे स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ दूर होती है।
सरसों का तेल शनि की शुभता बढ़ता है। पश्चिम दिशा में तेल स्टोर करके रखें।
रसोई में ड्राई फ्रूट रखने से गृह स्वामी और गृह स्वामिनी सदा जवान और खूबसूरत रहते हैं।