
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने 15 अक्टूबर को संसद के सामने प्रदर्शन का ऐलान किया है। उसी समय पाकिस्तान एससीओ सम्मेलन की मेजबानी कर रहा होगा। इसे लेकर पाकिस्तान के मंत्री ने पीटीआई पर हमला बोला है और इसे पाकिस्तान के दुश्मनों का एजेंडा बताया है।
पाकिस्तान ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन को लेकर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए हमला बोला है। भारत का नाम लिए बिना पाकिस्तान के मंत्री अहसान इकबाल ने कहा है कि पाकिस्तान के हम साया मुल्क (पड़ोसी देश) का एजेंडा एससीओ सम्मेलन में बाधा पहुंचाने का है। इकबाल ने 15 अक्टूबर को पाकिस्तान की संसद के पास इमरान खान की पार्टी पीटीआई के विरोध प्रदर्शन की अपील की आलोचना की और इसे पड़ोसी देश और पाकिस्तान विरोधियों के एजेंडे के अनुरूप बताया।
नाम लिए बिना भारत पर आरोप – शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इकबारल ने कहा, ‘पीटीआई विरोध प्रदर्शन करके चाहती है कि दुनिया को पाकिस्तान का अच्छा चेहरा न देखने को मिले। बल्कि पाकिस्तान का टियर गैस और प्रदर्शन वाला चेहरा देखने को मिले।’ उन्होंने सवाल किया, ‘पीटीआई किसके एजेंडे पर अमल कर रही है। क्या ये पाकिस्तान का एजेंडा है या पाकिस्तान के दुश्मनों का एजेंडा है? या हमारे पड़ोसी मुल्क का एजेंडा है जो खुद परेशान है कि पाकिस्तान इतने बड़े मंच पर जगह क्यों बना रहा है? पीटीआई को जवाब देना होगा।’
कराची विस्फोट से जोड़ा कनेक्शन – पाकिस्तान के योजना मंत्री ने कहा, अब इसमें कोई संदेह नहीं है कि कराची में आतंकवाद और इस्लामाबाद में राजनीतिक आतंकवाद की अपील एक जैसी है। इसका स्क्रिप्ट राइटर एक ही शख्स है, जो एक तरफ विस्फोटक हमले करने के लिए आतंकवादियों का इस्तेमाल कर रहा था और दूसरी तरफ अराजकता फैलाने और पाकिस्तान के महत्वपूर्ण हितों को कमजोर करने के लिए पीटीआई का इस्तेमाल कर रहा है।
इकबाल ने पीटीआई समर्थकों से अपील की कि जो लोग वास्तव में बदलाव और विकास चाहते हैं, वे अपनी पार्टी के काम से होने वाले देश के नुकसान को पहचानें। मंत्री ने यह भी कहा कि 2014 में पीटीआई के विरोध प्रदर्शनों के चलते चीनी राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा में देरी हुई थी। पीटीआई पर सरकार के आर्थिक सुधार के प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया और उसके समर्थकों से इसे पहचानने को कहा।
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