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अग्नि-5, MIRV तकनीक… चीन से अंतर पाटने को तेजी से परमाणु बम बना रहा भारत, ड्रैगन कैसे देख रहा हिंदुस्‍तान की ताकत? जानें


भारत, चीन और पाकिस्तान… एशिया के तीनों पड़ोसी देशों के पास ऐसे ऐसे विनाशक परमाणु हथियार हैं, जो पूरी दुनिया को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं। लेकिन परमाणु मिसाइलों की क्षमता के साथ सबसे बड़ी बात ये होती है कि उसे लॉन्च कैसे किया जाता है। फाइटर जेट से, युद्धपोत या पनडुब्बियों से या मिसाइलों से। भारत और चीन के पास इन तीनों रास्तों से परमाणु बम गिराने की क्षमता है, जबकि पाकिस्तान समंदर से परमाणु बम नहीं दाग सकता है। बात जब मिसाइलों की करते हैं तो भारत और चीन के पास महाविनाशक क्षमता वाली परमाणु मिसाइले हैं। चीन हालांकि भारत से थोड़ा आगे रहा है, लेकिन पिछले दिनों भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का टेस्ट कर चीन के साथ उस गैप को काफी कम कर दिया है।
इस महीने, इंडो-पैसिफिक डिफेंस फोरम ने बताया है कि भारत के स्ट्रैटजिक फोर्स कमांड के मुताबिक, भारत ने अगस्त में ओडिशा के एक प्रक्षेपण स्थल से अपनी सबसे लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानि DRDO ने इसे डेवलप किया है और ये तीन चरणों वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से भी ज्यादा है। इस मिसाइल से भारत चीन और पाकिस्तान में कहीं भी परमाणु बम गिरा सकता है।
चीन को अग्नि-5 मिसाइल से क्यों है सबसे ज्यादा डर? – भारत ने साल 2024 में इसी मिसाइल का MIRV वैरिएंट, यानि Multiple Independently Targetable Reentry Vehicle वैरिएंट का भी ट्रायल किया था, जिसका मतलब है कि भारत एक अग्नि-5 दागकर दुश्मन के घर में कई ठिकानों पर एक ही बार में धमाका कर सकता है। भारत के लिए इस एडवांस टेक्नोलॉजी का टेस्ट इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि चीन के पास भारत के मुकाबले बहुत बड़ा परमाणु भंडार है। भारत के 180 परमाणु वॉरहेड के मुकाबले चीन के पास करीब 600 परमाणु वारहेड (SIPRI Report) हैं। इसके अलावा आप ये जानकर निश्चित तौर पर खुश होंगे कि भारत अग्नि-5 मिसाइल के एक और एडवांस वैरिएंट पर भी काम कर रहा है, जिसकी मार करने की क्षमता 7500 किलोमीटर होने की संभावना है।