Wednesday , March 4 2026 8:39 AM
Home / Sports / अजिंक्य रहाणे की कप्तानी पारी, भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर ली 82 रनों की लीड

अजिंक्य रहाणे की कप्तानी पारी, भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर ली 82 रनों की लीड


कप्तान अजिंक्य रहाणे के मुश्किल परिस्थितियों में लगाए गए आकर्षक सैकड़े और रविंद्र जडेजा के साथ उनकी शतकीय साझेदारी से भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन रविवार को यहां अपनी पहली पारी में पांच विकेट पर 277 रन बनाए। नियमित कप्तान विराट कोहली के पितृत्व अवकाश पर स्वदेश लौट जाने के कारण विषम परिस्थितियों में कप्तानी का जिम्मा संभालने वाले रहाणे ने एक कुशल सेनापति की तरह आगे बढ़कर नेतृत्व किया। वह अभी 104 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। उन्हें जडेजा (नाबाद 40) के रूप में अच्छा साथी मिला जिसके साथ उन्होंने छठे विकेट के लिए अभी तक 104 रन जोड़े हैं।
भारत ने मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 195 रन पर आउट कर दिया था। इस तरह से भारतीय टीम को अब 82 रन की बढ़त मिल चुकी है। भारत इसमें अधिक से अधिक इजाफा करना चाहेगा तथा यह बढ़त पिच की प्रकृति और टीम के मजबूत आक्रमण को देखते हुए निर्णायक साबित हो सकती है। भारत एडीलेड में पहला मैच आठ विकेट से गंवाने के कारण सीरीज में 0-1 से पीछे चल रहा है। रहाणे ने शुरू में सतर्क रवैया अपनाया लेकिन वह जल्द ही वह अपने असली रंग में आ गए और उन्होंने गेंदबाजों का दबदबा नहीं बनने दिया।
भारत ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया पर 82 रनों की बढ़त ले ली है। भारत ने दूसरे दिन रविवार का अंत अपनी पहली पारी में पांच विकेट के नुकसान पर 277 रनों के साथ किया। इस मैच में भारत की कप्तानी कर रहे अंजिक्य रहाणे नाबाद 104 रन बनाकर खेल रहे हैं। उनके साथ रविंद्र जडेजा 40 रन बनाकर नाबाद हैं।
रहाणे 200 गेंदों का सामना कर 12 चौके लगा चुके हैं। वहीं जडेजा ने अभी तक 104 गेंदें खेली हैं और एक चौका ही मारा है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 195 रनों पर ढेर कर दिया था। मेहमान टीम ने दिन की शुरुआत एक विकेट के नुकसान पर 36 रनों के साथ की थी।
रहाणे ने पहले हनुमा विहारी के साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन जोड़े और उसके बाद पांचवें विकेट के लिए ऋषभ पंत के साथ 57 रनों साझेदारी की। फिलहाल जडेजा के साथ 100 (104* रन) रनों से अधिक की साझेदारी कर चुके हैं।
अजिंक्य रहाणे ने मेलबर्न में शतक जड़ते हुए एक खास रेकॉर्ड लिस्ट में अपना नाम शामिल करा लिया। वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन, सचिन तेंडुलकर, सौरभ गांगुली, विराट कोहली के बाद 5वें भारतीय कप्तान हैं।
1985 के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया में शुरुआती दो टेस्ट मैचों में बढ़त ली हो। भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 195 रनों पर आउट कर दिया था। फिलहास उसने 5 विकेट पर 277 रन बना लिए हैं। इस तरह उसके पास 82 रनों की बढ़त है
अजिंक्य रहाणे का यह दूसरा टेस्ट शतक है, जिसे उन्होंने मेलबर्न में खेलते हुए बनाया है। इस तरह वह दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने, जिसके नाम एमसीजी पर दो शतक हैं। उनसे पहले यह रेकॉर्ड वीनू मांकड़ के नाम था।
भारत का अगर यह मैच जीतना है तो रहाणे और जडेजा को तीसरे दिन अच्छी बैटिंग करनी होगी। अब देखना होगा कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने यह जोड़ी कहां तक टिकती है।
जोश हेजलवुड पर उन्होंने पहला विश्वसनीय शॉट लगाया और इसके बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उनके ड्राइव और लेट कट देखने लायक थे। हेजलवुड पर खूबसूरत कवर ड्राइव से उन्होंने अपना 12वां टेस्ट शतक पूरा किया। वह ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर शतक जड़ने वाले पांचवें भारतीय कप्तान बने। जब अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (45), अनुभवी चेतेश्वर पुजारा (17), हनुमा विहारी (21) और ऋषभ पंत (29) क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बावजूद लंबी पारी नहीं खेल पाए तब रहाणे ने पूरी दृढ़ता और संकल्प के साथ बल्लेबाजी करके ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को बैकफुट पर भेजकर भारत को जोरदार वापसी दिलायी।
जडेजा की तारीफ करनी होगी जिन्होंने अपने बल्लेबाजी कौशल का अच्छा नमूना पेश किया और तब अपने कप्तान का अच्छा साथ दिया जबकि टीम को एक बड़ी साझेदारी की सख्त जरूरत थी। जडेजा ने स्वयं पर अंकुश लगाए रखा और विकेट बचाए रखने को प्राथमिकता दी जो कि तब बेहद जरूरी था। रहाणे ने अब तक 200 गेंदों का सामना करके 12 चौके लगाए हैं जबकि जडेजा की 104 गेंद की पारी में एक चौका शामिल है। भारत ने पहले दो सत्रों में दो-दो विकेट गंवाए थे लेकिन तीसरे सत्र में उसने ऑस्ट्रेलिया को कोई सफलता नहीं मिलने दी और इसमें उसके लचर क्षेत्ररक्षण का भी योगदान रहा।
ऑस्ट्रेलिया ने 80 ओवर पूरे होने के बाद नयी गेंद ली। रहाणे तब 73 रन पर खेल रहे थे। मिशेल स्टार्क (61 रन देकर दो) को नयी गेंद से पहले ओवर में ही रहाणे का विकेट मिल जाता लेकिन स्टीव स्मिथ ने कैच छोड़ दिया। भारतीय कप्तान को शतक पूरा करने के बाद भी स्टार्क की शार्ट पिच गेंद पर फिर से जीवनदान मिला। इस बार ट्रेविस हेड कैच नहीं लपक पाए जिसके बाद बारिश के कारण दिन का खेल जल्दी समाप्त कर दिया गया। भारत ने सुबह एक विकेट पर 36 रन से आगे खेलना शुरू किया और सतर्क शुरुआत की लेकिन पैट कमिन्स (71 रन देकर दो) ने कल के अविजित बल्लेबाजों गिल और पुजारा को 11 गेंद के अंदर पविलियन भेज दिया।
अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे 21 वर्षीय गिल ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 65 गेंद की अपनी पारी में कुछ उम्दा शॉट लगाए। पुजारा ने हमेशा की तरह सतर्क बल्लेबाजी की और 70 गेंदों का सामना किया। गिल सुबह आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। उन्होंने कमिन्स की गेंद पर पेन को आसान कैच दिया। कमिन्स ने अपने अगले ओवर में पुजारा को पविलियन भेजकर ऑस्ट्रेलिया को महत्वपूर्ण सफलता दिलायी। कमिन्स की कोण लेती गेंद पुजारा के बल्ले को चूमकर पेन के दस्तानों में चली गई जिन्होंने डाइव लगाकर खूबसूरत कैच लिया।
इसके बाद विहारी और पंत भी अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए। रहाणे ने विहारी के साथ 52 और पंत के साथ 57 रन की दो अर्धशतकीय साझेदारियां की जिससे टीम को संभलने में मदद मिली। विहारी ने आफ स्पिनर नाथन लियोन की आफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर स्वीप करने के प्रयास में अपना विकेट गंवाया। पंत अच्छी लय में दिख रहे थे तब मिशेल स्टार्क की गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर टिम पेन के दस्तानों में चली गयी। यह पेन का टेस्ट मैचों में 150वां शिकार और स्टार्क का 250वां विकेट था। इससे पहले सुबह दिन की पहली गेंद पर ही कप्तान पेन को लगा कि वह गिल के बल्ले का किनारा लेकर गयी है। उन्होंने निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का सहारा लिया लेकिन उनका अनुमान गलत निकला और ऑस्ट्रेलिया ने एक ‘रिव्यू’ गंवा दिया।