
अमेरिका ने यमन के हूती चरमपंथियों के ठिकानों पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से हमला किया है। इस मिसाइल को अमेरिकी सेना के सबसे खतरनाक हथियार में गिना जाता है, जो दुश्मन पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। मिसाइल की एक खासियत यह भी है कि यह खुद को दुश्मन से छिपा सकती है।
अमेरिकी नेवी ने यमन में हूती चरमपंथियों के खिलाफ मंगलवार को किए गए हमले में टॉमहॉक लैंड अटैक मिसाइल (TLAM) का इस्तेमाल किया था। मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी है। अमेरिकी सेना ने इस हमले के लिए हैरी एस. ट्रूमैन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक का इस्तेमाल किया, जो उस समय लाल सागर में काम कर रहा था। टॉमहॉक को अमेरिकी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में माना जाता है। आइए जानते हैं कि यह क्यों इतनी खास है?
टॉमहॉक क्रूज मिसाइल को आधुनिक युद्ध का नक्शा बदलने वाला कहा जाता है। 1991 में खाड़ी युद्ध के दौरान पहली बार अपनी शुरुआत के बाद से ही इसने सटीक निशाना लगाने और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता साबित की है। मिसाइल का निर्माण आरटीएक्स कॉरपोरेशन ने किया है और इसका इस्तेमाल इराक, यूगोस्लाविया से लेकर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्धों में बड़े पैमाने पर किया गया है।
लंबी दूरी तक लक्ष्य पर निशाना – 1600 किमी की रेंज तक दुश्मन को निशाना बनाने वाली टॉमहॉक मिसाइल अमेरिकी सेना में शामिल होने के बाद से ही इसका महत्वपूर्ण हथियार बनी हुई है। यह जमीनी सैनिकों को खतरे में डाले बिना निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम बनाती है। टॉमहॉक को पनडुब्बी और जहाज से दागा जा सकता है, जो सटीक हमला करती हैं।
टॉमहॉक को पहली बार 1991 के खाड़ी युद्ध में ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म में इराक के खिलाफ अभियान के दौरान तैनात किया गया था। इससे इराकी सैन्य ठिकानों को बड़े पैमाने पर नष्ट करने, कमांड और कंट्रोल सेंट्रर को तबाह करने में अहम भूमिका निभाई थी। सद्दाम हुसैन के खिलाफ कार्रवाई में एक बार फिर इसने इराक में तबाही मचाई थी। इस मिसाइल का इस्तेमाल आतंकवादियों के शिविरों, प्रशिक्षण केंद्रों और घरों को निशाना बनाकर किया जाता रहा है।
Home / News / अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ दागी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, खाड़ी युद्ध में हिल गया था इराक, जानें कितनी खतरनाक
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