
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने कॉपीराइट एक्ट 1957 के नियम पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपने ब्लॉग पर कॉपीराइट एक्ट के बारे में लिखते हुए इसे पूरी तरह से बकवास करार दिया है।
अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंशराय बच्चन ने कई सारी लोकप्रिय कविताएं रची हैं जिसे महानायक ने सहेजकर रखने के साथ कई बार मंच पर खुद पढ़कर सुनाया भी है| लेकिन अब खबरें हैं कि कॉपीराइट एक्ट 1957 के नियम के अनुसार अमिताभ के हाथ से उनके पिता की इन कविताओं का हक छिन सकती है। अपनी पिता की विरासत से अमिताभ का भावनात्मक लगाव जगजाहिर है, ऐसे में अपनी आवाज उठाते हुए बिग बी ने नाराजगी जाहिर की है। इस एक्ट के तहत किसी भी साहित्यिक रचनाओं पर उनके वंशजों का कॉपीराइट लेखक की मौत के सिर्फ 60 साल बाद तक ही रहता है।
अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा है- “कोई भी मौलिक रचना लेखक की विरासत होती है, लेकिन उसकी मौत के 60 साल बाद वह आम लोगों की हो जाएगी। ऐसा सही नहीं है। किसी भी रचनाकार का उसकी रचनाओं पर केवल 60 साल नहीं, बल्कि हमेशा के लिए हक होना चाहिए।”
उन्होंने आगे लिखा, “मेरी विरासत हमेशा मेरी रहेगी, इस पर किसी और का कभी हक नहीं होगा। उनके पिता की रचनाओं को पब्लिक करने से रचनाओं को नुकसान पहुंच सकता हैं। लोग उन्हें खराब कर सकते हैं, खत्म कर सकते हैं या अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने साफ़ कहा की अगर जरूरत पड़ी तो वो इसके लिए जरूर लड़ेंगे।”
बता दें हरिवंश राय बच्चन को 1976 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, कमल पुरस्कार, सरस्वती सम्मान दिया जा चुका है।
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