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कॉस्मेटिक ऐक्यूपंक्चर से बने अप्सराओं की तरह खूबसूरत, ना क्रीम चाहिए ना फेस पैक और ना ही सर्जरी


-जिन लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा की जानकारी है, वे एक्युप्रेशर और एक्युपंक्चर के बारे में जरूर जानते होंगे। यदि आपको इस बारे में पता नहीं है तो कोई बात नहीं। यहां जान लीजिए कि ये बिना दवाओं और बिना किसी भी केमिकल के बिना सुंदरता बढ़ाने और रोगों को ठीक करने की खास विधियां हैं।
-इन विधियों में शरीर के कुछ खास हिस्सों पर पॉइंट्स ढूंढकर उन्हें ऐक्टिव किया जाता है। यह बहुत हैरानी भरा जरूर है लेकिन इन चिकित्सा पद्धितियों से सिर दर्द दूर करने से लेकर स्किन को ग्लोइंग बनाने तक सभी काम संभव हैं। जिन पॉइंट्स को ऐक्टिव करने से सुंदरता में वृद्धि होती है, उन्हें कॉस्मेटिक ऐक्यूपंक्चर में रखा गया है…
बिल्कुल दर्द नहीं होता है इसमें : -हमने आपको बताया कि ऐक्यूपंक्चर में निडिल्स यानी सुइयों की मदद से आपके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में कुछ खास पॉइंट्स को ऐक्टिव किया जाता है। लेकिन आपको सुइयों के बारे में जानकर डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।
-क्योंकि ऐक्यूपंक्चर में भले ही सुइयों से पॉइंट्स दिए जाते हों लेकिन यह प्रक्रिया एकदम दर्द रहित होती है। यही इस प्रॉसेस की खूबी है और कमाल है प्राकृतिक चिकित्सा का।
कॉस्मेटिक ऐक्यूपंक्चर से फेशियल ट्रीटमेंट :
-फेशियल कॉस्मेटिक ऐक्यूपंक्चर के जरिए त्वचा की अंदरूनी परत में मौजूद उन कारकों को दूर किया जाता है, जो त्वचा को बूढ़ा दिखाने या इसे बीमार बनाने का काम करते हैं। हालांकि इसके लिए कोई सर्जरी नहीं की जाती है।
-इस विधि का उपयोग करके त्वचा को जवां बनाए रखने के लिए स्किन सेल्स के बनने की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जाता है। ज्यादातर वही लोग इस प्रक्रिया को अपनाते हैं, जिनकी उम्र 30 के आस-पास होती है। ऐसा करने से उनकी त्वचा पर उम्र और तनाव का असर नहीं दिखता है।
कैसे काम करता है ऐक्यूपंक्चर? : -आपको बता दें कि हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से हर बीमारी का इलाज मौजूद होता है। यह बात आपको अजीब जरूर लग सकती है लेकिन यह पूरी तरह सच है। कॉस्मेटिक ऐक्यूपंक्चर आपकी त्वचा में मौजूद उन प्राकृतिक और हीलिंग प्रक्रियाओं को तेज करता है, जो आपकी त्वचा में कोलेजन बनने की गति को बढ़ाती हैं।
-कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो आपकी त्वचा में बनता और त्वचा को स्वस्थ रखने का काम करता है। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसके बनने की प्रक्रिया धीमी होने लगती है। इस कारण शरीर पर उम्र का असर दिखने लगता है। जो लोग अधिक स्ट्रेस यानी तनाव में रहते हैं, उनकी त्वचा में यह प्रोटीन और भी धीमी गति से बनने लगता है।
देसी इलाज की चाइनीज पद्धिति : -आपको बता दें एक्यूपंक्चर बीमारियों का इलाज करने की एक प्राचीन चाइनीज पद्धिति है। लेकिन इस पद्धिति में ही एक हिस्सा ऐसा भी है, जो खासतौर पर सौंदर्य में वृद्धि करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसी को कॉस्मेटिक एक्यूपंक्चर कहा जाता है।
-हालांकि ऐक्यूप्रेशर और ऐक्यूपंक्चर को पेन मैनेजमेंट टेक्नीक्स कहा जाता है। क्योंकि इन विधाओं का ज्यादातर उपयोग बिना दवाओं के दर्द दूर करने में किया जाता है। आपको बता दें एक्यूप्रेशर और ऐक्यूपंक्चर में अंतर होता है।
-ऐक्यूप्रेशर के दौरान मेडिकेटेड मैग्नेट्स के जरिए शरीर के कुछ खास बिंदुओं पर दबाव डाला जाता है। ऐक्यूपंक्चर में महीन निडिल्स के जरिए पॉइंट्स के ऐक्टिव किया जाता है।
इस तरह सुंदरता बढ़ाता है ऐक्यूपंक्चर : -आपको बता दें कि ऐक्यूपंक्चर स्किन की रीजनरेशन प्रॉसेस को तो तेज करता ही है। साथ ही शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम भी करता है।
-इस विधि के माध्यम से बिना किसी केमिकल और दवाओं का उपयोग किए, एग्जिमा, सोरायसिस, ऐक्ने, झुर्रियों और झाइयों तक का इलाज संभव है। यानी आपके शरीर खासतौर पर चेहरे के कुछ खास पॉइंट्स को ऐक्टिव करके आपकी सुंदरता में बढ़ोतरी की जा सकती है।
कहां से ले सकते हैं ये ट्रीटमेंट्स? : -हमारे देश में जगह-जगह पर नैचुरोपेथी क्लीनिक्स खुले हुए हैं। जहां बीमारियां दूर करने और सुंदरता बढ़ाने के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धितियों का उपयोग किया जाता है। इन नैचुरोपेथी सेंटर्स में आपको ऐक्यूपंक्चर ट्रीटमेंट आराम से मिल सकता है।
-इसके साथ ही ब्यूटी क्लीनिक्स में भी कॉस्मेटिक ऐक्यूपंक्चर की सुविधा उपलब्ध होती है। यह विधि पूरी तरह सुरक्षित है और इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। लेकिन सतर्कता बरतते हुए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, वे अगली स्लाइड में बताई गई हैं…
इन बातों का रखें ध्यान : -इस ट्रीटमेंट में किसी भी तरह का दर्द नहीं होता है। लेकिन निडिल्स के उपयोग के कारण कुछ लोगों को असहजता हो सकती है।
-निडिल्स लगातार कुछ घंटों तक लगाए रखनी पड़ती हैं, इस कारण कुछ लोगों को अपने रोजमर्रा के कामों में दिक्कत हो सकती है।
-जो लोग ब्लड का पतला करने की दवाएं या सप्लिमेंट्स ले रहे हों, उन्हें ऐक्यूपंक्चर एक्सपर्ट को इस बारे में जरूर बताना चाहिए। ताकि वे आपकी स्थिति की पूरी जांच करके यह सुझाव दे सकें कि आपको यह ट्रीटमेंट कब लेना चाहिए।

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