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मिस्र की अल-हकीम, यूएई की शेख जायद… ब्रुनेई की उमर अली सैफुद्दीन से पहले इन आलीशान मस्जिदों में जा चुके हैं पीएम मोदी


छोटे से देश ब्रुनेई में करीब 14,000 भारतीय रहते हैं। ब्रुनेई के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में भारतीय डॉक्टरों और शिक्षकों का काफी अहम योगदान माना जाता है। पीएम मोदी ने ब्रुनेई के सबसे शानदार मस्जिद का दौरा किया है। साथ ही यहां के भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की है।
बंदर सेरी बेगवान: ब्रुनेई की अपनी यात्रा के दौरान भारतीय पीएम मोदी ने मंगलवार को राजधानी बंदर सेरी बेगवान में उमर अली सैफुद्दीन मस्जिद का दौरा किया। इसे ना सिर्फ ब्रुनेई बल्कि दुनिया की सबसे आलीशान मस्जिदों में गिना जाता है। मस्जिद का डिजाइन इसे बेहद आकर्षक और भव्य बनाता है। नरेंद्र मोदी अक्सर अपनी विदेश यात्राओं के दौरान मशहूर और ऐतिहासिक मस्जिदों में जाते रहे हैं। मुस्लिम मुल्कों की यात्रा करते हुए वह कई ऐतिहासिक मस्जिदों में जा चुके हैं।
फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी ने पिछले साल अपनी यात्रा के दौरान काहिरा में मिस्र की 11वीं सदी की अल-हकीम मस्जिद का दौरा किया था। मिस्र की इस मस्जिद की दुनियाभर में शोहरत है। 1012 में निर्मित अल-हकीम काहिरा में चौथी सबसे पुरानी मस्जिद है। ये मस्जिद 13,560 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली है। नरेंद्र मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया के अपने दौरे पर इस्तिकलाल मस्जिद का दौरा किया था। ये दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है। 1978 में आम जनता के लिए खोली गई इस मस्जिद में एक लाख से ज्यादा लोग नमाज पढ़ सकते हैं। नरेंद्र मोदी के अलावा बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और एंजेला मर्केल जैसे बड़े नेता भी इस मस्जिद का दौरा कर चुके हैं।
सिंगापुर की चुलिया मस्जिद गए थे पीएम मोदी – नरेंद्र मोदी ने जून 2018 में अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान चुलिया मस्जिद का दौरा किया था। चाइनाटाउन जिले में साउथ ब्रिज रोड पर बनी यह सिंगापुर की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है। इसकी स्थापना 1826 में चुलियास ने की थी, जो भारत के कोरोमंडल तट के तमिल मुस्लिम व्यापारी थे। इसी साल यानी 2018 के फरवरी में नरेंद्र मोदी ओमान गए थे। पीएम मोदी यहां मस्कट में सुल्तान कबूस ग्रैंड मस्जिद गए थे। इस मस्जिद को आधुनिक इस्लामी वास्तुकला का एक शानदार नमूना कहा जाता है। इस मस्जिद को बनाने में भारतीय कारीगरों ने भी मदद की थी और इसमें 300,000 टन भारतीय बलुआ पत्थर भी लगा है।
साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के अगले साल अगस्त 2015 में नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया। उनकी यह यात्रा काफी चर्चा में रही थी। पीएम मोदी के स्वागत के लिए अबू धाबी के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नायहान अपने भाइयों के साथ हवाईअड्डे पर पहुंचे थे। अपने दौरे पर पीएम मोदी ने सऊदी अरब के मक्का और मदीना के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद शेख जायद ग्रैंड की यात्रा मोदी ने की थी। इस मस्जिद में दुनिया की सबसे बड़ी संगमरमर की पच्चीकारी है, जो 180,000 वर्ग फुट के आंगन में फैली हुई है। 545 मिलियन डॉलर की लागत से बनी इस मस्जिद में 82 गुंबद हैं।