
कतर ने कुछ दिनों पहले भारती नेवी के आठ पूर्व अधिकारियों को रिहा किया था। इनमें से सिर्फ सात ही भारत वापस आ सके थे। पिछले ढाई महीने से कमांडर पुर्णेंदु तिवारी की 85 वर्षीय मां हर रोज अपने बेटे से बात करती हैं। हर रोज वह एक ही सवाल करती हैं कि आखिर वह वापस कब आएंगे। इसके जवाब में पुर्णेंदु हमेशा कहते हैं जल्द ही। हालांकि अभी तक कोई अपडेट नहीं आया है कि सबसे वरिष्ठ और कतर में बचे एकमात्र पूर्व नौसैनिक दोहा से आखिर कब लौटेंगे। एक लंबित मामले के कारण उन्हें यात्रा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है।
उनके बाकी सहयोगी 12 फरवरी को भारत लौटे थे, लेकिन उन्हें वापसी से रोक दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक तब से लंबित मामले को लेकर उनसे कोई पूछताछ नहीं हुई है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर में कहा गया, ‘कमांडर तिवारी को रोके हुए 75 दिन से ज्यादा हो गए हैं। जबकि बाकी अन्य लोग वापस आ गए हैं। उनकी वापसी को लेकर अनिश्चितता उनकी अस्सी साल की मां पर कहर बरपा रही है, जिनका स्वास्थ्य लगातार खराब बना हुआ है।’
परिवार को उम्मीद – कतर से लौटे पूर्व नेवी अधिकारियों और कमांडर तिवारी के परिजनों को उम्मीद है कि यात्रा प्रतिबंध हटा दिया जाएगा, जिससे उन्हें वापसी की इजाजत मिलेगी। कमांडर तिवारी को दोहा में अपने अपार्टमेंट में रहने की इजाजत दी गई है, लेकिन उनके करीबियों का कहना है कि यह घर लौटने जैसा नहीं है। भारत ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है कि वह कब लौटेंगे, लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुछ आवश्यक्ताओं को पूरा करना होगा और उसके बाद ही वापसी हो पाएगी।
क्या है पूरा मामला – कतर से सभी आठ पूर्व नौसैनिकों की रिहाई भारत की एक बड़ी डिप्लोमैटिक जीत मानी जाती है। फरवरी में इनकी रिहाई की गई थी, जिनमें से सात घर वापसी कर चुके हैं। इन सभी को 30 अगस्त, 2022 को कतर में आंतरिक मंत्रालय की ओर से गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों को कतर में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में कम कर दिया गया था। पीएम मोदी के हस्तक्षेप से इन सभी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकी। भारत ने इस फैसले के लिए कतर के अमीर की सराहना की थी।
Home / News / कतर से 75 दिन बाद भी नहीं हो सकी आठवें पूर्व नेवी अधिकारी की वापसी, भारत में बूढ़ी मां कर रहीं बेटे का इंतजार, जानें वजह
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