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F-16 जेट पैकेज के बाद पाकिस्तानी सेना के साथ एंटी-टेरेरिज्म ट्रेनिंग, ‘आतंकिस्‍तान’ पर अमेरिका का पाखंड उजागर


पाखंडियों की लिस्ट में अमेरिका पहले नंबर पर है। अमेरिकी सेना ने उस पाकिस्तान की सेना के साथ आतंकवाद विरोधी ट्रेनिंग की है, जो दुनियाभर में आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक है। यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा है कि “अमेरिका और पाकिस्तानी सेना के सैनिकों ने एक्सरसाइज इंस्पायर्ड गैम्बिट के दौरान पाकिस्तान के नेशनल काउंटर-टेररिज्म सेंटर में ट्रेनिंग इस हफ्ते पूरी की है, जिसमें कंबाइंड इन्फेंट्री स्किल्स और टैक्टिक्स, और आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन्स पर ध्यान दिया गया। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच इस तरह की ट्रेनिंग अभ्यास, हमारे लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को मजबूत करती हैं।” पाकिस्तान की सेना के साथ आतंकवाद के खिलाफ सैन्य अभ्यास करने की घटना ही अपने आप में काफी हास्यास्पद है और अमेरिका के ढोंग को दिखाता है।
वहीं, पाकिस्तान की मीडिया ने इस अभ्यास के बाद कहा है कि “पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग फिर से शुरू होने के साफ संकेत मिल रहे हैं, जिसमें संयुक्त आतंकवाद विरोधी ट्रेनिंग, बड़े हथियारों की बिक्री और वॉशिंगटन से असामान्य रूप से गर्मजोशी भरे राजनीतिक संदेश शामिल हैं।” अमेरिकी सेंटकॉम ने ऐसी ड्रिल को दोनों सेनाओं के बीच “लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों” को मजबूत करने वाला बताया है।
पाकिस्तान से सैन्य संबंध फिर बना रहा अमेरिका? – अमेरिका ने पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने के लिए रक्षा पैकेज का ऐलान किया था। अमेरिका ने पाकिस्तकान को 686 मिलियन डॉलर देने की घोषणा की थी। अमेरिका ने इस पैकेज की घोषणा उस वक्त की थी, जब भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए पिछले साल मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। भारत ने ये अभियान, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद किया था। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कम से कम दो बार पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की है। ट्रंप ने कई बार असीम मुनीर की तारीफ भी की है। ट्रंप ने असीम मुनीर को अपना ‘पसंदीदा फील्ड मार्शल’ भी कहा है।
ये वही अमेरिका है, जिसने कई सालों तक पाकिस्तान से करीब करीब संबंध अलग कर रखे थे। ये वही डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिन्होंने अफगान युद्ध के लिए पाकिस्तान पर धोखा देने के आरोप लगाए थे। लेकिन अब ये वही डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिन्होंने अपनी सेना को पाकिस्तान के साथ सैन्य ट्रेनिंग के लिए भेजा है। पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने के लिए पैकेज का ऐलान किया है।