
नरेंद्र मोदी के बाद राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, एचडी कुमारस्वामी, धर्मेंद्र प्रधान के अलावा जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और मुंगरे से सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी, लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी कैबिनेट मंत्री के रुप में शपथ ली।
नई दिल्ली | 9 जून 2024 की तारीख घड़ी में 7 बजकर 25 मिनट हुए और राष्ट्रपति भवन की लाल कालीन से फिर से वह आवाज गूंजती है मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी… ऐतिहासिक क्षण की वो तारीख एक बार फिर सामने आ गई और इस बार कुछ ज्यादा ही भव्यता के साथ, कुछ ज्यादा ही विराट, कुछ ज्यादा वैभवशाली। नरेंद्र मोदी ने जब तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली तो राष्ट्रपति भवन की दीवार, मीनार, मेहराब और हर दरवाजे पर कामयाबी का नया इतिहास लिखा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पद के साथ गोपनीयता इसलिए जोड़ा जाता है क्योंकि सरकार चलाते समय आपको कई ऐसी जानकारियां मिलती हैं। कई ऐसी चर्चाएं, कई ऐसे फैसले, जिनके बारे में आपको मौन धारण करना पड़ता है या सिर्फ सही जगहों पर चर्चा करनी होती है। इसलिए पद और गोपनीयता की शपथ सभी मंत्रियों को भी दिलवाई जाती है। नरेंद्र मोदी के बाद राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, एचडी कुमारस्वामी, धर्मेंद्र प्रधान के अलावा जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और मुंगरे से सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी, मनसुख मंडाविया ने कैबिनेट मंत्री के रुप में शपथ ली।
कौन-कौन विदेशी मेहमान
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जु, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल, भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ शामिल हैं।
सीसीएस मंत्रालय पर सभी की नजर, बीजेपी ने नहीं छोड़ी पकड़
सहयोगियों की तरफ से भी बड़े मंत्रालय की मांग की जा रही थी। लेकिन कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) में प्रतिनिधित्व करने वाले चार महत्वपूर्ण मंत्रालय भाजपा की झोली में रखने की बात साफ कर दी थी। सीसीएस में प्रतिनिधित्व करने वाले चार मंत्रालय रक्षा, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय हैं। मोदी के पिछले प्रशासन में इन मंत्रालयों का नेतृत्व क्रमशः राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर ने किया था। सीसीएस सुरक्षा के मामलों पर निर्णय देने वाली देश की सर्वोच्च संस्था होती है। प्रधानमंत्री इस कमेटी के अध्यक्ष हैं और गृह मंत्री, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री इसके सदस्य। देश की सुरक्षा संबंधी सभी मुद्दों से जुड़े मामलों में अंतिम निर्णय कैबिनेट ऑन सिक्योरिटी का ही होता है। इसके अलावा कानून एवं व्यवस्ता और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर भी सीसीएस ही अंतिम निर्णय लेता है।
कामगार से लेकर कलाकार तक
शपथ ग्रहण समारोह से पहले सुबह बापू की समाधि पर नमन करने के बाद पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि पर पुष्प अर्पण कर अटल के आदर्शों को प्रणाम किया तो वहीं वॉर मेमोरियल जाकर देश के वीर जवानों को सलाम किया। इसके बाद शुरू हुआ एक ऐसा उत्सव जिसने विदेशी मेहमानों से लेकर देश के फिल्मी सितारों और उद्योगपतियों को एक ही चौहद्दी पर एकत्रित कर दिया। हर वर्ग के लोगों को इस समारोह का न्योता भेजा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ ही जानी-मानी हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया। पद्म से सम्मानित हस्तियों से लेकर फिल्मी हस्तियां, आदिवासी महिलाओं, केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों, सेंट्रल विस्टा में काम कर रहे कामगार सभी इस अदभुत क्षण के साक्षी बनें।
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