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शादी कर ले गया और देह व्यापार में धकेल दिया… बांग्लादेश में चीनियों का रैकेट, गरीब लड़कियों की जिंदगी से कर रहे खिलवाड़


बांग्लागेश के खगराछारी जिले की 21 वर्षीय मार्मा महिला ने पुलिस में मामला दर्ज कराया, जिसमें पांच नामजद व्यक्तियों और तीन अज्ञात लोगों पर उसे चीन में तस्करी करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उसे ढाका में एक घर में ले जाया गया और एक चीनी व्यक्ति से शादी करने के लिए मजबूर किया गया।
चीन की पड़ोसी देशों की गरीब महिलाओं पर भी गलत नजर है। पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेशी लड़कियों को चीनी लुभा रहे हैं। 2019 में यह सामने आया था कि दो वर्षों की अवधि में 600 गरीब पाकिस्तानी लड़कियों को चीनी पुरुषों को दुल्हन के रूप में बेचा गया। इसी तरह के धोखा बांग्लादेश की लड़कियों को दिया जा रहा है। चीनी नागरिक गरीब महिलाओं को प्रेम जाल में फंसा रहे हैं। इन बेखबर महिलाओं को प्यार और बेहतर जीवन का वादा किया जाता है। इसके बाद उन्हें चीन ले जाया जाता है और वहां देह व्यापार और मानव अंग तस्करी के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता है।
यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जुलाई, 2023 को बांग्लादेश के उत्तरी जिले चुआडांगा की एक गरीब विधवा ने अपनी 19 वर्षीय बेटी की शादी कुई पो वेई नामक एक चीनी नागरिक से की। उसे लगा कि वेई ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और बांग्लादेश में बस जाएगा। छह महीने के भीतर ही कुई पो वेई का असली चेहरा तब सामने आ गया जब वह अपनी बांग्लादेशी पत्नी को चीन ले गया और उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया। मामला तब खुला जब पीड़िता की मां ने 31 मार्च, 2024 को ढाका ट्रिब्यूनल में मामला दर्ज कराया।
चीन से फोन पर बताई सच्चाई – बांग्लादेशी लड़की ने 11 मार्च, 2024 को पीड़िता ने इमो का इस्तेमाल करके बांग्लादेश में अपनी मां को फोन किया। उसने बताया कि वी और उसके साथियों ने उसे बहुत शारीरिक यातनाएं दी और उसे हर दिन 10-15 ग्राहकों के सामने पेश किया। कुई पो वी ने धमकी दी कि अगर उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो वह उसे मानव अंग तस्करों को बेच देगा। पीड़िता की मां इलाके की चार अन्य गरीब महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से जानती है, जिन्हें चीनी नागरिकों ने इसी तरह शादी के लिए धोखा दिया। भावी दूल्हे के रूप में प्रस्तुत होने वाले इन तस्करों के बांग्लादेश में एजेंट हैं जो उन्हें लक्षित स्थानीय महिलाओं की जानकारी देते हैं।
नाम ना बताने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि ढाका में दो समूह सक्रिय रूप से संवेदनशील बांग्लादेशी महिलाओं की तलाश करते हैं, जिनमें पहाड़ी इलाकों में रहने वाले स्वदेशी समुदाय की महिलाएं भी शामिल हैं। ये समूह महिलाओं को चीनी नागरिकों से जोड़ते हैं जो उन्हें प्रेम जाल में फंसाते हैं, उनसे शादी करते हैं और उन्हें चीन ले जाते हैं। ये तस्कर कभी-कभी ढाका के विभिन्न रेस्तराओं में अपने लक्ष्य से मिलते हैं, जो अक्सर कपड़ा फैक्ट्री की कर्मचारी होती हैं।
विवाह कर जीतते हैं परिवार का भरोसा – रिपोर्ट के मुताबिक, विवाह की औपचारिकताएं आम तौर पर विवाह रजिस्ट्रार की मौजूदगी में पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से पूरी की जाती हैं। स्थानीय गिरोह के सदस्य पीड़ितों के रिश्तेदार के रूप में विवाह के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं। चीनी तस्करों की सहायता के लिए स्थानीय एजेंटों को पांच से सात लाख बांग्लादेशी टका मिलते हैं और इतनी ही राशि पीड़ित के परिवार को ‘उपहार’ के रूप में दी जाती है। जी यिशियन नामक एक चीनी महिला रेडीमेड परिधान खरीदने वाली कंपनी का प्रतिनिधित्व करने के नाम पर ढाका में रह रही है। ये ढाका और आसपास के क्षेत्रों में परिधान कारखानों सहित देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं को निशाना बनाकर एक रैकेट चला रही है।