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खुजली कर रही है परेशान, तो कुछ घरेलू नुस्खे और तरीके साबित होंगे रामबाण उपाय


खुजली (Itching) को प्रुरिटस के नाम से भी जाना जाता है। यह ड्राय स्‍किन, एलर्जी, कीड़े के काटने और कुछ मेडिकल कंडीशन जैसी कई वजह से हो सकती है। खुजली हल्के से लेकर गंभीर स्थिति तक हो सकती है, जो रेगुलर एक्‍टिविटी और नींद में रुकावट भी पैदा कर सकती है। खुजली को कम करने के लिए कई तरीके और दवाएं कारगर होती हैं। इसके अलावा ऐसे कई ऐसे Home Remedies और उपचार भी हैं, जो खुजली को जल्दी से दूर करने में मदद कर सकते हैं।
इस आर्टिकल में आपको खुजली के कारण और इससे जल्दी छुटकारा पाने के कुछ टिप्‍स भी बताए जा रहे है। इसके साथ आपको यहां एक टेबल में कुछ ऐसे विकल्प भी बताए जा रहे हैं, जो खुजली को दूर करने में कारगर माने जाते हैं और इनका प्रभाव भी लोगों ने अच्छा और असरदार बताया है।
खुजली क्‍यों और किस वजह से होती है? – खुजली होने के कई संभावित कारण हो सकते हैं। इसमें स्किन कंडीशन से लेकर कुछ दवाओं को खाने के दुष्प्रभाव और कुछ रोग के लक्षण भी हो सकते हैं।
ड्राय स्‍किन –
ड्राय स्‍किन होना खुजली का एक सामान्य कारण हो सकता है। ड्राय स्‍किन खासतौर पर सर्दियों के सीजन में जब शुष्क हवा चलती है तब होती है। इसलिए सोने से पहले मॉइस्चराइजिंग लोशन या क्रीम का इस्‍तेमाल करना चाहिए और गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए। इससे ड्राय स्‍किन को रोकने और खुजली को कम करने में मदद मिल सकती है।
एलर्जी – बेडरूम में बिस्तर, डिटर्जेंट या अन्य पदार्थों से एलर्जी से खुजली हो सकती है। हाइपोएलर्जेनिक बिस्तर और कपड़े धोने की चादरें और हाइपोएलर्जेनिक डिटर्जेंट में अन्य बिस्तरों का उपयोग करने से एलर्जी और खुजली के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्किन कंडीशन – कुछ त्वचा की स्थिति, जैसे कि एक्जिमा या जिल्द की सूजन, खुजली का कारण बन सकती है। एक मॉइस्चराइजर का उपयोग करना और खुजली वाले क्षेत्रों को खरोंचने से बचना इन स्थितियों से जुड़ी खुजली को कम करने में मदद कर सकता है।
एलर्जी – कुछ एलर्जी किडनी डिजीज या लीवर डिजीज की वजह से खुजली का कारण बन सकती हैं। ये खुजली थकान या वजन घटाने जैसे अन्य लक्षणों के साथ होती है। इसलिए इन सिमटम्‍स के संकेत होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कीड़े का काटना – कभी-कभी खटमल या कीड़े के काटने से खुजली पैदा हो सकती है। कीट के काटने को रोकने के लिए खटमल स्प्रे का उपयोग करना और नियमित रूप से बिस्तर धोना, कीट के काटने और खुजली के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
क्या स्‍ट्रेस की वजह से भी स्‍किन में खुजली हो सकती है? – हां, स्‍ट्रेस के कारण स्‍किन में खुजली हो सकती है। स्‍ट्रेस शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकता है, और यह त्वचा और इम्‍यून सिस्‍टम के फंक्‍शन को रोक सकता है, जिससे खुजली जैसी स्‍किन प्रोब्‍लम्‍स हो सकती हैं।
स्‍ट्रेस स्‍किन में हिस्टामाइन बूस्‍ट करने का कारण बन सकता है। यह एक केमिकल है, जो एलर्जी रिएक्‍शन का कारण बनता है और खुजली पैदा कर सकता है। स्‍ट्रेस स्‍किन के बेरियर फंक्‍शन में भी इंटरफेयर कर सकता है, जिससे ड्रायनेस और खुजली हो सकती है।
इसके अलावा, स्‍ट्रेस इम्‍यून सिस्‍टम को कमजोर कर सकता है, जिससे स्‍किन इंफेक्‍शन और कई स्‍किन प्रोब्‍लम हो सकती है, जो बाद में खुजली का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए एक्जिमा, सोरायसिस और पित्ती ये सभी खुजली की विशेषता हैं, जो स्किन में होने वाली खुजली की कंडीशन को और खराब कर सकता है।
इस बात का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये उपाय लक्षणों को कम करने में मदद करने के लिए हैं और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए पूरी तरह कारगर नहीं हैं। यदि आपकी खुजली गंभीर है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो अच्‍छे इलाज के लिए हेल्‍थ केयर प्रोवाइडर को दिखाना बेहद जरूरी है।

किस फूड को खाने से खुजली होती है? – ऐसे कई फूड्स हैं, जो कुछ लोगों में खुजली पैदा कर सकते हैं। यहां पर खुजली के लिए कुछ कॉमन फूड ट्रिगर में शामिल हैं
शेलफिश – शेलफिश, जैसे कि झींगा, झींगा मछली, और केकड़ा, कॉमन एलर्जी फैक्‍टर है, जो खुजली और कई एलर्जी रिएक्‍शन का कारण बन सकते हैं।
ट्री नट्स – बादाम, हेजलनट्स और अखरोट जैसे ट्री नट्स से जिन्‍हें एलर्जी होती है, उन लोगों को खुजली हो सकती है।
मूँगफली – मूँगफली गरम है, जिसके ज्‍यादा सेवन से खुजली और अन्य एलर्जी फैक्‍टर्स का कारण बन सकती है।
गेहूं – गेहूं और अन्य अनाज जिनमें ग्लूटेन होता है, उससे खुजली हो सकती है। क्‍योंकि गेहूं, जौ और राई में पाया जाने वाला प्रोटीन, सीलिएक रोग या गैर-सीलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी वाले लोगों में खुजली पैदा कर सकता है।
सोया – सोया एक कॉमन एलर्जी है जो खुजली और अन्य एलर्जी रिएक्‍शन का कारण बन सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च में भी इस बात के संकेत मिले हैं कि सोया में मौजूद गुण खुजली के कारणों को पनपने या उन्हें बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
डेयरी प्रोडक्‍ट – कुछ लोगों को दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्‍ट में पाए जाने वाले प्रोटीन से एलर्जी होती है, जिससे खुजली और अन्य एलर्जी हो सकती है।
खुजली वाली स्‍किन के लिए कौन सा फल अच्छा है? – यहां आपको ऐसे फल की जानकारी दी जा रही है, जो स्किन में होने वाले खुजली से बचाए रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके प्रभाव और खाने के तरीके भी आपको यहां बताए जा रहे हैं।
एवोकैडो – एवोकैडो हेल्‍दी फैट से भरपूर होता है और इसमें मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो त्वचा को शांत करने और नरिश देने में मदद कर सकते हैं। आप मैश किए हुए एवोकैडो को स्‍किन पर लगा सकते हैं या इसे नाश्ते के रूप में खाकर या स्मूदी या अन्य डिशेज में मिलाकर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
पपीता – पपीते में पपैन नामक एक एंजाइम होता है, जिसमें इम्‍फ्लैमेटरी और एक्सफोलिएटिंग गुण होते हैं। आप पपीते को स्‍किन पर लगा सकते हैं या इसे नाश्ते के रूप में खाकर या स्मूदी या डिशेज में मिलाकर अपनी डाइट में ले सकते हैं।
तरबूज – तरबूज एक ताजा और हाइड्रेटिंग फल है, जो त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकता है। आप इसे नाश्ते के रूप में खाकर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे आपकी स्‍किन हाइड्रेट रहने के साथ मॉइस्चराइज करने में मदद मिल सकती है।
कीवी – कीवी विटामिन सी से भरपूर होता है, जो हेल्दी स्‍किन को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण न्‍यूट्रिएंट्स है। अपनी स्‍किन को हेल्‍दी बनाने के लिए आप कीवी को डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं।
खुजली वाली क्रीम लगाने के फायदे – खुजली वाली क्रीम, जिसे एंटी इच क्रीम या मलहम के रूप में भी जाना जाता है, एक टॉपिकल मेडिकेशन है, जिसका इस्‍तेमाल खुजली वाली स्‍किन पर लगाकर परेशानी को दूर करने के लिए किया जाता है। खुजली वाली क्रीम का उपयोग करने के कुछ पोटेंशियल बेनेफिट्स हैं
तेजी से दिखाती है अपना असर – खुजली क्रीम बैचेनी से तेजी से राहत देने में मदद कर सकती है, जिससे यह एक सुविधाजनक और प्रभावी उपचार का विकल्प बन जाता है।
नॉन-ड्रॉसी – कई खुजली क्रीम में नुकसानदायक इंग्रेडिएंट्स नहीं होते हैं। ये उन लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्‍शन है, जो ड्रॉसीनेस या कुछ ओरल मेडिकेशन से जुड़े अन्य साइड इफेक्‍ट्स से बचना चाहते हैं।
इस्तेमाल करने में आसान – खुजली क्रीम को आसानी से लगाया जा सकता है और जब स्‍किन पर खुजली हो, तो इसका इस्‍तेमाल किया जा सकता है।
न के बराबर होते हैं इनको लगाने के नुकसान – आमतौर पर, खुजली वाली क्रीम के ओरल मेडिकेशन तुलना में कम साइड इफेक्‍ट होते हैं। यह ऐसे लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्‍शन है, जो दवाओं के कम खाते हैं या उनके होने वाले साइड इफेक्‍ट्स से बचना चाहते हैं।