
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद दशकों पुराना है। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 2020 में चीन और भारत के सैनिकों के संघर्ष के बाद बाद ये विवाद बढ़ा है। इसे सुलझाने पर दोनों पक्ष काम कर रहे हैं।
चीन ने कहा है कि भारत के साथ बॉर्डर विवाद का मामला काफी जटिल है। ऐसे में इसे सुलझाने में काफी समय लग सकता है। हालांकि चीन ने इस पर संतोष जताया कि दोनों देशों में इसे हल करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कोशिश हो रही है। चीन का ये बयान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी के जवाब में आया है। राजनाथ सिंह ने बीते हफ्ते चीनी रक्षा मंत्री डोंग जून के साथ अपनी बैठक के दौरान भारत-चीन सीमा मुद्दों के स्थायी समाधान की तरफ बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया था।
राजनाथ सिंह और डोंग जून ने 26 जून को चीनी शहर किंगदाओ में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिरता बनाए रखने के मुद्दे पर बात की थी। सिंह ने सीमा पर तनाव कम करने और जटिल मुद्दों को हल करने पर जोर दिया था। चीन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा, ‘मैं आपको बता सकती हूं कि चीन और भारत ने सीमा के सवाल पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र बनाया है। सीमा विवाद के लिए राजनीतिक मापदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों के तहत डील भी की है।’
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