
अमेरिका के दौरे पर पहुंचे भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का अमेरिका में जोरदार स्वागत किया गया है। जनरल पांडे ने अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टॉफ जनरल रैंडी जॉर्ज और वरिष्ठ कमांडरों के साथ मुलाकात की है। दोनों ही देशों के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने दुनियाभर में शांति को बढ़ाने और द्विपक्षीय महत्व के मुद्दों पर लंबी बातचीत की है। भारतीय सेना प्रमुख ऐसे समय पर अमेरिका पहुंचे हैं जब 31 किलर प्रीडेटर ड्रोन को लेकर समझौता अपने अंतिम चरण में है। वहीं चीन के साथ अमेरिका और भारत दोनों का ही तनाव अपने चरम पर है। चीन अमेरिका और भारत दोनों के ही खिलाफ जमीन से लेकर समुद्र तक में बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारी कर रहा है।
माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान जनरल पांडे ने हथियारों के संयुक्त उत्पादन, लंबी दूरी तक मार करने वाले तोप के गोले से लेकर स्ट्राइकर आमर्ड इन्फ्रैंट्री व्हीकल को लेकर बात की है। चीन के साथ युद्ध के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका उस पर से अपनी निर्भरता को घटाना चाहता है। साथ ही अपनी सैन्य तैयारी को मजबूत करना चाहता है। अमेरिका ने बड़े पैमाने पर इजरायल और यूक्रेन को हथियार दिए हैं जिससे उसका जखीरा खाली हो गया है। अब भारत अपनी फैक्ट्री में तोप के गोले आदि उत्पादन करके अमेरिका की मदद कर रहा है।
चीन का खतरा, भारत-अमेरिका में यूं बढ़ रही दोस्ती – यही नहीं भारत की नजर अमेरिका की आधुनिक सैन्य तकनीक पर है जिससे भारत अपने देश में मेक इन इंडिया अभियान के तहत यहां हथियार बना सकेगा। भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हैं। चीन अक्सर धमकाने की कोशिश करता रहता है। अमेरिकी हथियारों की मदद से भारत अपने सैन्य तैयारी को मजबूत कर सकेगा। अभी कुछ दिन पहले ही अमेरिका की संसद ने भारत को 31 प्रीडेटर ड्रोन बेचने की मंजूरी दी है। इनमें से 8 भारतीय सेना को मिलेंगे। जनरल पांडे की यह यात्रा काफी व्यापक है जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों का पता चलता है। भारतीय सेना प्रमुख का अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन में स्वागत बताता है कि अमेरिका इसे काफी महत्व दे रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच जिन प्रमुख प्रॉजेक्ट पर काम हो रहा है उसमें फाइटर जेट के लिए इंजन की तकनीक का ट्रांसफर भी शामिल है। भारत अपने तेजस फाइटर जेट के लिए अमेरिका की जीई कंपनी से इंजन खरीद रहा है। इसके अलावा कई और हथियारों के संयुक्त उत्पादन पर बातचीत चल रही है। भारतीय सेना अपने आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है और सुपर पावर अमेरिका से इसमें उसे बड़ी उम्मीद मिल सकती है। वह भी तब जब दोनों का साझा दुश्मन एक ही है। भारत और अमेरिका दोनों ही योग्य सैनिकों की कमी से जूझ रहे हैं। इस दिशा में भी दोनों देश मिलकर काम करना चाहते हैं।
Home / News / भारतीय सेना प्रमुख का अमेरिका में जोरदार स्वागत, किलर ड्रोन के बाद बड़े प्लान की तैयारी, चीन पर कसेगी नकेल
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