
ईरानी अफसरों ने बताया है कि इस तरह की कड़ी सुरक्षा और चरम उपाय पहले कभी नहीं किए गए थे, जितने अब हैं। लेबनान में पेजर विस्फोटों के बाद सुरक्षा को पिछले स्तरों से काफी बढ़ा दिया गया है। ईरान को इस बात का डर है कि हिजबुल्लाह की तरह ऑपरेशन किया जा सकता है।
लेबनान में पेजर और वॉकी-टॉकी में धमाकों के बाद ईरान ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। संभावित खतरे के अंदेशे को देखते हुए ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने सभी सदस्यों को सभी कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल बंद करने का आदेश दिया है। आईआरजीसी के दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से रॉयटर्स को इस फैसले की जानकारी दी है। ईरानी अधिकारी ने बताया कि सभी डिवाइस की जांच के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
वायनेटन्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते हफ्ते लेबनान में हिजबुल्लाह लड़ाकों के इस्तेमाल में रहे हजारों पेजर और वॉकी-टॉकी फट गए थे। इसे इजरायल के एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा बताया गया है। ईरान भी इजरायल के प्रमुख विरोधियों में से है। ऐसे में ईरान के अंदर भी इस तरह के किसी ऑपरेशन का डर है। ऐसे में आईआरजीसी ने ना सिर्फ कम्युनिकेशन डिवाइस बल्कि तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के लिए कहा है। खासतौर से दूसरे देशों से आए उपकरणों की जांच की जा रही है।
ईरान की चिंता बने इजरायली एंजेंट – रिपोर्ट कहती है कि ईरान को इजरायली एजेंटों की घुसपैठ की चिंता है। इसमें ऐसे ईरानी भी शामिल हैं, जिनके विदेश में रहते हुए इजरायल के संपर्क में आने का संदेह है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के बैंक खातों और उनकी विदेश यात्रा की जांच की जा रही है। ईरान के विदेश, रक्षा और आंतरिक मंत्रालय ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है।
Home / News / लेबनान के पेजर ब्लास्ट से डरा ईरान, अयातुल्ला खामेनेई की सेना ने कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल किया बैन
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