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मंदिर, मस्जिद, चर्च में कोई अंतर है क्या? हरभजन सिंह का कीर्ति आजाद को जवाब, बोले- सियासत बंद करें


टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के बाद शुरू हुआ मंदिर विवाद अब और गरमा गया है। टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद द्वारा टीम इंडिया की जीत को धार्मिक रंग देने की कोशिश पर पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। भज्जी ने आजाद को खेल भावना का पाठ पढ़ाते हुए उनके बयानों को शर्मनाक करार दिया है। हरभजन सिंह उनके इस बयान से काफी निराश दिखे।
हरभजन सिंह ने की राजनीति बंद करने की मांग – 2011 वर्ल्ड कप विजेता हरभजन सिंह ने कीर्ति आजाद के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि खिलाड़ी अपनी मन्नत पूरी होने पर कहीं भी जा सकते हैं। हरभजन ने कड़े शब्दों में कहा ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पूर्व क्रिकेटर इस तरह की राजनीति कर रहा है। टीम इंडिया ट्रॉफी लेकर मंदिर जाए, मस्जिद जाए या चर्च, यह उनकी पसंद है। हमारे धर्म में सिखाया जाता है कि सभी रास्ते एक ही ईश्वर की ओर जाते हैं। अगर किसी ने मन्नत मांगी थी और वह पूरी होने पर मत्था टेकने गया, तो इसमें समस्या क्या है?’ भज्जी ने आगे जोड़ा कि देश वर्ल्ड कप जीता है, ऐसे में राजनीति करने के बजाय जश्न मनाना चाहिए।
कीर्ति आजाद ने क्या कहा था जिस पर मचा बवाल? – कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर बीसीसीआई और टीम इंडिया पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि टीम में हर धर्म के खिलाड़ी हैं, तो ट्रॉफी सिर्फ मंदिर ही क्यों ले जाई गई? उन्होंने तर्क दिया कि यह जीत 140 करोड़ भारतीयों की है, इसलिए ट्रॉफी को मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे भी ले जाना चाहिए था। आजाद ने 1983 की विश्व विजेता टीम का उदाहरण देते हुए समावेशिता की बात की थी, जिसे सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सांप्रदायिक एजेंडा करार दिया।
ईशान किशन ने गुगली पर जड़ा छक्का, पत्रकार को किया खामोश – पटना पहुंचने पर जब युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन से इस विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी चतुराई और परिपक्वता से जवाब दिया। पत्रकार द्वारा कीर्ति आजाद के बयान पर प्रतिक्रिया मांगने पर ईशान ने कहा, ‘भाई, मैं अभी इतना शानदार वर्ल्ड कप जीतकर आया हूं। कृपया बेहतर सवाल पूछें। कीर्ति आजाद ने क्या कहा, इस पर मैं क्या बोलूं? मुझसे यह पूछिए कि वर्ल्ड कप जीतकर कैसा लग रहा है और हमने वहां कितना मजा किया।’ ईशान के इस जवाब ने साफ कर दिया कि खिलाड़ी इन विवादों से दूर रहकर सिर्फ अपनी उपलब्धि का आनंद लेना चाहते हैं।
कीर्ति आजाद के पीछे हटने के संकेत – बता दें कि दिल्ली में संसद सत्र के बाद जब पत्रकारों ने कीर्ति आजाद को घेरकर मंदिर वाले सवाल को बार-बार दोहराया, तो वे बिना जवाब दिए वहां से चले गए थे। हरभजन सिंह के करारे जवाब और ईशान किशन की बेरुखी ने यह साबित कर दिया है कि खेल जगत में इस तरह की बयानबाजी के लिए कोई जगह नहीं है।