
कराची: आईएसआईएस जातीय नफरत और अतिवादी समूहों की मौजूदगी का फायदा उठाकर पाकिस्तान में अपनी पैठ बना सकता है। सिंध पुलिस के आतंकवाद विरोधी विभाग की आेर से कराए गए अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार इराक एवं सीरिया में आईएसआईएस के बर्बर शासन और यूरोप में इसकी मौजूदगी ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है, लेकिन पूर्वी हिस्से खासकर पाकिस्तान में इस आेर लोगों का ध्यान नहीं गया।
इसमें कहा गया है, ‘‘जातीय नफरत और अतिवादी समूहों की मौजूदगी इस्लामिक स्टेट को पाकिस्तान में अपनी पैठ बनाने के लिए जमीन दे सकती है।’’ इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई, ‘‘पाकिस्तान के अलग अलग हिस्सों में हिंसक चरमपंथी समूहों की मौजूदगी की वजह से आईएसआईएस को अपना विस्तार करने के अधिक अवसर मिल सकते हैं।’’
अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों सिंध प्रांत की लाल शहबाज कलंदर की दरगाह पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी। सिंध के आतंकवाद विरोधी विभाग के अधिकारी राजा उमर खताब ने आशंका जताई कि दरगाह पर आत्मघाती हमला करने वाले इस हमलावर का ताल्लुक अफगानिस्तान आधारित आईएसआईएस तथा जुंदुल्ला फिदा तथा सिंध में लश्कर-ए-झंगवी से था।
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