
अमेरिका के हवाई द्वीप में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा ज्वालामुखी मौना लौआ 40 साल बाद फटा है। इस ज्वालामुखी से अब जहरीली गैंसे, धुंआ और खतरनाक लावा बह रहा है। रविवार को स्थानीय समयानुसार रात 11 बजकर 30 मिनट पर इसमें ब्लास्ट हुआ है। इसकी कुछ तस्वीरें अमेरिका की जियोलॉजिकल सर्विस (USGS) की तरफ से जारी की गई हैं। इन तस्वीरों से साफ पता लगता है कि इस ज्वालामुखी में हुआ ब्लास्ट कितना खतरनाक रहा होगा। अधिकारियों की मानें तो ज्वालामुखी के लावा में सबसे ज्यादा सल्फर डाई ऑक्साइड है। अधिकारियों के मुताबिक एक हफ्ते में लावा आबादी तक पहुंच सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि स्थिति तेजी से बदल सकती है। मौना लोआ में आखिरी बार साल 1984 में विस्फोट हुआ था।
लोगों को किया गया अलर्ट – ज्वालामुखी से जुड़ा अलर्ट सर्वोच्च स्तर का था और नागरिकों को भी सावधान रहने को कहा गया है। अधिकारियों की मानें तो नागरिकों को बड़े स्तर पर धुंए और राख का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका के नेशनल ओशिनोग्राफिक एंड एटमॉसफेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) की तरफ से कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं। इन तस्वीरों में नजर आ रहा है कि ज्वालामुखी में हुआ ब्लास्ट कितना खतरनाक था। हवाई के उत्तर-पूर्व में इस ज्वालामुखी में जहरीली गैसों का गुबार है और यह लगातार बढ़ता जा रहा है।
एक और ज्वालामुखी सक्रिय – NOAA की तरफ से ही ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी गई थी। एजेंसी की तरफ से लिखा गया है, ‘यह तस्वीर साफ बताती है कि सल्फर डाई ऑक्साइड किस तरह से बह रही है।’ इसके बाद एजेंसी की तरफ से कई ट्वीट कर नागरिकों का चेतावनी दी गई है। एजेंसी का कहना है कि कम से कम ज्वालामुखी में एक दर्जन विस्फोट और हो सकते हैं। वहीं इसके पड़ोस में स्थित किलोवेया भी दिसंबर 2021 से खतरनाक स्तर पर सक्रिय है। बताया जा रहा है कि इसमें कभी भी विस्फोट हो सकता है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website