
दशकों से भारत डिफेंस सेक्टर में रूस पर निर्भर रहा है। रूस ने भारत को फाइटर जेट से लेकर पनडुब्बियां, टैंक और मिसाइलों की सप्लाई की है। लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत ने रूस पर अपनी निर्भरता कम की है। भारत ने अब इजरायल और फ्रांस जैसे देशों के साथ अपने रक्षा संबंध मजबूत किए हैं।
भारत और इजरायल अपने रक्षा संबंध को उस स्तर पर ले जा रहे हैं, जहां कोई ग्राहक या विक्रेता नहीं होता है। यानि, दोनों देशों के बीच पारंपरिक तौर पर हथियारों की खरीद बिक्री वाला रिश्ता बहुत जल्द पीछे छूटने वाला है और सिर्फ एक साल बाद इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल अब अपनी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को भारत में शिफ्ट करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। यानि, इजरायल अपने हथियार ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में बनाएगा। इसके तहत हाई टेक ड्रोन समेत कई दूसरे एडवांस हथियार प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
दरअसल, पिछले महीने भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इजरायल का दौरा किया था। इस दौरान तेल में भारत-इजरायल जॉइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की मीटिंग की गई, जहां दोनों देशों ने डिफेंस सहयोग पर एक नए MoU पर साइन किए, जिसका मकसद एडवांस हथियारों का ज्वाइंट डेवलपमेंट, डिफेंस सिस्टम के को-प्रोडक्शन और AI और साइबर, ट्रेनिंग और R&D सहित एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए आपसी संबंधों को गहरा करना है।
भारत में एडवांस हथियार बनाएगा इजरायल – द हिन्दू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट में तेल अवीव में भारतीय दूतावास के हवाले से और इजरायली सरकार के सूत्रों के हवाले से पुष्टि की गई है कि दोनों सरकारें, इजरायल के इनोवेशन इकोसिस्टम को भारत की इंजीनियरिंग ताकत के साथ मिलाकर ‘मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड’ डिफेंस प्रोडक्ट्स बनाने पर काम कर रही हैं। भारतीय दूतावास के एक सीनियर डिप्लोमैट ने कहा कि यह बदलाव अगले छह महीने से एक साल में दिखने लगेगा। भारत के लिए ये एक एतिहासिक मौका होगा, क्योंकि पिछले कुछ सालों में इजरायल ने भारत को कई क्रिटिकल डिफेंस टेक्नोलॉजी दिए हैं। वहीं बराक-8 जैसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस इजरायली ड्रोन भी भारत में ही बनते हैं।
Home / News / मिसाइल, ड्रोन… इजरायल अब भारत में बनाएगा हाई टेक हथियार, शिफ्ट करेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, तुर्की-पाकिस्तान को जवाब
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