
डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद अल-सिसी ने गाजा युद्धविराम को लेकर शर्म अल शेख में बड़ा सम्मेलन बुलाया था, लेकिन इसमें खाड़ी के ही दो सबसे प्रमुख देश गैरमौजूद रहे। इसने गाजा पर मुस्लिम देशों में तनाव का संकेत दिया है।
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के अब्देल फतेह अल-सिसी ने गाजा युद्धविराम का जश्न मनाने के लिए दुनिया भर के नेताओं को शर्म-अल-शेख में जुटाया तो इसमें खाड़ी के दो प्रमुख चेहरे नदारद थे। ये दो नाम थे- सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान। उनकी गैरमौजूदगी इस बात का साफ संकेत थी कि गाजा पर मिस्र का सुर्खियों में आना खाड़ी के अरब दिग्गजों को रास नहीं आया है। लाल सागर के रिसॉर्ट में हुए इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता मिस्र और अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने संयुक्त रूप से की थी। इस सम्मेलन ने गाजा मिस्र की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्ज किया है। लेकिन सवाल है कि क्या गाजा को लेकर मध्य पूर्व के मुस्लिम देशों में दो फाड़ हो गया है?
मिस्र पर फोकस से सऊदी और UAE निराश – राष्ट्रपति के एक करीबी मिस्र के राजनयिक ने मिडिल ईस्ट आई (MEE) को बताया कि रियाद और अबू धाबी ने शर्म अल शेख में अपने शासकों की जगह मंत्रियों को भेजकर मिस्र को बड़ा मंच देने को लेकर अपनी अनिच्छा का साफ संकेत दिया है। पिछले दो वर्षों में काहिरा को इझरायल और हमास के वार्ताकारों के लिए एक बैठक स्थल के रूप में इस्तेमाल किया गया है। मिस्र के अधिकारी कतर के साथ मिलकर मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं
Home / News / गाजा पर मुस्लिम देशों दो फाड़! मिस्र में बुलाए सम्मेलन में नहीं पहुंचे खाड़ी के दो बड़े नाम, हमास को लेकर डर या काहिरा से जलन
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