
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस यात्रा के बाद अब यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया पहुंचे हैं। यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि 40 वर्षों बाद यह किसी भारतीय पीएम की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी। आइए जानें कि ये महत्वपूर्ण क्यों है?
विएना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर ऑस्ट्रिया पहुंचे हैं। यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि चार दशकों में यह किसी भारतीय पीएम की पहली यात्रा है। पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और ऑस्ट्रिया राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। रूस की दो-दिवसीय यात्रा के बाद मंगलवार को पीएम मोदी ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना पहुंचे। इस यात्रा के दौरान दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा कई भू-राजनीतिक चुनौतियों पर करीबी से सहयोग के तरीकों पर विचार करेंगे।
इससे पहले ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने एक्स पर पोस्ट लिखा था, ‘मैं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का अगले हफ्ते विएना में स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हूं। यह यात्रा एक विशेष सम्मान है क्योंकि यह 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधान मंत्री की पहली यात्रा है। यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि हम भारत के साथ राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और कई भू-राजनीतिक चुनौतियों पर करीबी सहयोग के बारे में बात करने का अवसर मिलेगा’ ऑस्ट्रियाई चांसलर के पोस्ट के जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, ‘धन्यवाद, चांसलर कार्ल नेहमर। इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए ऑस्ट्रिया का दौरा करना वास्तव में सम्मान की बात है। मैं हमारे देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा को लेकर उत्सुक हूं।’
यात्रा के दौरान क्या होगा? – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है। हालांकि इससे पहले वह ऑस्ट्रिया के चांसलर्स से मिल चुके हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से मिलेंगे। इसके अलावा वह चांसलर कार्ल नेहमर से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। मोदी भारत और ऑस्ट्रिया के बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे। विएना में वह भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। इस यात्रा से ऑस्ट्रिया और भारत के संबंध मजबूत होने की उम्मीद है। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा, ‘यह यात्रा हमें आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों को संबोधित करने में मदद करने के साथ हमारी साझेदारी को व्यापक बनाने में मदद करेगी।’
ऑस्ट्रिया यात्रा से क्या फायदा? – क्वात्रा ने कहा कि ऑस्ट्रिया मध्य यूरोप का एक प्रमुख देश है। ऑस्ट्रिया बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, उच्च प्रौद्योगिकी, स्टार्ट-अप और मीडिया और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। क्वात्रा ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मध्य यूरोपीय देश है। यहां अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO), ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC), और यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन का मुख्यालय है। यह यात्रा फरवरी में भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज के लॉन्च होने के कुछ महीनों बाद हो रही है। इस ब्रिज का उद्देश्य दोनों देशों में स्टार्टअप्स के बीच सहयोग और ज्ञान को साझा करना है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.93 बिलियन डॉलर रहा। भारत ऑस्ट्रिया को इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, जूते और रसायन बेचता है। ऑस्ट्रिया मशीनरी, ऑटोमोटिव पार्ट्स और केमिकल भेजता है।
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