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डाइटिंग से कई गुना फायदेमंद है नवरात्रि व्रत, पूरा होगा पतले होने का अधूरा सपना, ये बाते आएंगी काम


चैत्र नवरात्रि के व्रत आज से शुरू हो गए हैं। आप जानते ही हैं कि साइंस में फास्टिंग फायदेमंद बताई गई है। व्रत रखना एक प्रकार की डाइटिंग है, जिसे वजन कम करने से लेकर हार्ट अटैक से बचाव के लिए किया जाता है। नवरात्रि व्रत में दिन में सिर्फ एकबार संपूर्ण भोजन किया जाता है, जो कि काफी हल्का होता है।
यही तरीका ‘वन मील ए डे’ डाइटिंग में फॉलो किया जाता है। इस डाइटिंग को कई सारे सेलिब्रिटी करते हैं जो एकदम फिट नजर आते हैं। थोड़े समय के लिए इसे फॉलो करना काफी फायदेमंद है। आइए जानते हैं कि ये ‘वन मील ए डे’ क्या है?
OMAD डाइट का मतलब – वन मील ए डे को OMAD डाइट भी कहा जाता है। इसमें कैलोरी इनटेक पर कड़ी लगाम लगा दी जाती है। जिसके कारण वजन अपने आप गिरने लगता है। इसमें दिन के एक पहर पूरा भोजन लिया जाता है। यह इंटरमिटेंट फास्टिंग का हिस्सा है।
OMAD फास्टिंग करने का तरीका? – OMAD फास्टिंग में दिन के एक पहर हल्का भोजन किया जाता है और बाकी वक्त भूखा रहा जाता है। अपने टारगेट के हिसाब से कुछ लोग बाकी वक्त में ड्रिंक्स व लाइट हेल्दी स्नैक भी लेते हैं। इस फास्टिंग को एक्सपर्ट की गाइडेंस के साथ करना चाहिए।
OMAD के फायदे – इंटरमिटेंट फास्टिंग के किसी भी टाइप के मुकाबले यह प्रकार ज्यादा तेजी से वजन कम करता है। इसलिए नवरात्रि फास्ट को डाइटिंग के कई सारे तरीकों से बेहतर मान सकते हैं। शोध (ref.) बताता है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग को सही सावधानी के साथ करने से हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। यह आपके हाई ब्लड शुगर और इंफ्लामेशन को कम करता है।
हमेशा रहेंगे जवान – उम्र बढ़ने पर शरीर में बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं। लेकिन बायोलॉजिकल एज को कम रखा जा सकता है। इसके लिए व्रत जरूर रखें। फास्टिंग से सेल्स की रिपेयरिंग और रिजुवनेशन तेज होता है। शारीरिक अंग नए की तरह काम करने लगते हैं।
रखें ये सावधानी -लंबे समय तक भूखा रहने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इससे शरीर में पोषण की कमी बन सकती है। साथ ही गर्भवती महिलाएं और डायबिटीज के मरीज काफी दिक्कत महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा दिन में जब भी खाना खाएं तो हल्का ही लें। भारी भोजन पेट की समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए इस डाइटिंग को कुछ वक्त तक ही करना चाहिए और किसी एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में ही।