
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष का हल निकालने के लिए अपना खुलापन सिद्धांत जाहिर किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक संकेत के जरिए कहा कि अगर किसी एक देश के समाधान से पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा मिलता है तो इस तरह के समाधान का स्वागत करेंगे। इस तरह उन्होंने दशकों पुराने इस मामले पर अपनी बात रखी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यहां यात्रा पर आए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उस जमीन पर यहूदी बस्तियों के निर्माण पर अस्थायी रोक लगाने को कहा जिस पर फलस्तीनी दावा करते हैं।
गौरतलब है कि 20 जनवरी को ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद इस्राइली प्रधानमंत्री के साथ यह पहली मुलाकात है। ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि जहां तक बस्तियों का संबंध है मैं कहना चाहूंगा कि आप बस्तियों के निर्माण को कुछ वक्त के लिए रोकें। परंपरा को तोड़ते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने छह दशक पुराने इस्राइल फलस्तीन संघर्ष पर एक वैकल्पिक समाधान के लिए अपने विचारों को खुला रखा है जिसमें दो राष्ट्र का हल अनिवार्य तौर पर शामिल नहीं होता है।
तो वहीं साल 2002 में अमरीका ने दो राष्ट्र के सिद्धांत को समर्थन दिया था। अब जब कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन यरुशलम में दूतावास ले जाने पर विचार कर रहा है, लेकिन इस पर उन्होंने साफ – साफ संकेत भी नहीं दिए।
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