
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का दूसरा वनडे 29 नवंबर यानी रविवार को खेला जाएगा जो विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के लिए ‘करो या मरो’ की तरह है। भारतीय टीम को पहले वनडे में 66 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी और अब यदि वह दूसरा मैच भी गंवा देती है तो सीरीज भी हार जाएगी।
भारत को सुधारनी होंगी गलतियां : पहले मैच में लय पाने के लिए जूझते रहे भारतीय गेंदबाजों को बिना समय गंवाए अपनी गलतियों में सुधार करके ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज बचाने के लिए दूसरे वनडे में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह से भारत की कमजोरियों का फायदा उठाया, वह कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के लिए चिंता का सबब है।
शानदार फॉर्म में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज : ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच, स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर जबर्दस्त फॉर्म में हैं जिससे जसप्रीत बुमराह और बाकी गेंदबाज पहले वनडे में असरदार साबित नहीं हुए। भारतीय टीम के गेंदबाजी संयोजन में किसी बदलाव की संभावना भी नहीं है, बशर्ते युजवेंद्र चहल और नवदीप सैनी दोनों अनफिट घोषित ना हों।
टीम इंडिया में हो सकते हैं बदलाव : सिडनी में ही खेले गए पहले वनडे में भारतीय गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। स्पिनर युजवेंद्र चहल और पेसर नवदीप सैनी, दोनों ने मिलकर 20 ओवरों में 172 रन दे डाले। चहल चोट के कारण अपना स्पैल पूरा करने के बाद मैदान छोड़कर चले गए। वहीं सैनी की कमर में खिंचाव आ गया है। उनके कवर के तौर पर टी नटराजन को टीम में रखा गया है। उनके बाहर होने पर शार्दुल ठाकुर को सैनी की जगह और कुलदीप यादव को चहल की जगह उतारा जा सकता है।
भारत को शुक्रवार को पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने 66 रन से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान आरोन फिंच और स्टीव स्मिथ के शतकों के बाद एडम जम्पा और जोश हेजलवुड ने शानदार गेंदबाजी कर भारत पर पूरे मैच में दबाव बनाए रखा। कोरोना महामारी के बीच दर्शकों की स्टेडियम में वापसी वाले इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सपाट पिच पर छह विकेट पर 374 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 8 विकेट पर 308 रन ही बना सकी।
भारतीय गेंदबाज खास प्रदर्शन नहीं कर सके और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 374 रन का विशाल स्कोर बना दिया। भारत के लिए मोहम्मद शमी ही थोड़े बेहतर साबित हुए जिन्होंने 59 रन देकर 3 विकेट झटके। उनके अलावा पेसर जसप्रीत बुमराह, नवदीप सैनी और स्पिनर युजवेंद्र चहल ने 1-1 विकेट लिया लेकिन तीनों ही काफी महंगे साबित हुए। बुमराह ने 73 रन लुटाए, सैनी ने 83 और चहल ने 89 रन दे दिए।
आईपीएल में खतरनाक दिख रहे भारतीय तेज गेंदबाज थके हुए नजर आए। टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली ने मैच के बाद कहा कि वह भी निराश थे, जिस तरह 25-26 ओवर के बाद भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी-लैंग्वेज हो गई। भारतीय गेंदबाजों का सामना करने में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को कोई दिक्कत नहीं हुई। फिंच और वॉर्नर ने पहले विकेट के लिए 156 रन की साझेदारी की जिसके बाद फिंच और स्मिथ ने दूसरे विकेट के लिए 108 रन जोड़ डाले।
375 रन के बड़े टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने शुरुआत तो तूफानी की और 5 ओवर में ही फिफ्टी पूरी कर ली लेकिन मयंक अग्रवाल, विराट कोहली और लोकेश राहुल जैसे स्टार बल्लेबाज नाकाम रहे। मयंक ने 22, विराट ने 21 और राहुल ने 12 रन का योगदान दिया।
यूं तो फील्डिंग दोनों ही टीमों की खराब रही लेकिन भारतीय खिलाड़ियों को हार झेलनी पड़ी। शिखर धवन ने जहां स्टीव स्मिथ का कैच टपका दिया तो वहीं युजवेंद्र चहल ने आरोन फिंच का कैच छोड़ दिया। श्रेयस अय्यर ने भी ग्लेन मैक्सवेल का कैच छोड़ा। मैक्सवेल ने 45 रनों के लिए 19 गेंदों की अपनी तूफानी पारी में 5 चौके और 3 छक्के लगाए।
ओपनर शिखर धवन और हार्दिक पंड्या ने शतकीय साझेदारी की और एक समय लग रहा था कि ये दोनों भारत को जीत तक ले जाएंगे। ऐसे में एडम जम्पा ने अपने दूसरे स्पैल में धवन को पविलियन भेजकर इस उम्मीद को भी तोड़ दिया। पंड्या दुर्भाग्यशाली रहे कि अपना शतक पूरा नहीं कर सके और जम्पा का तीसरा शिकार बने। उन्होंने 76 गेंद में 90 रन जोड़े जिसमें सात चौके और चार छक्के शामिल थे। धवन और पंड्या ने 5वें विकेट के लिए 128 रन की पार्टनरशिप की।
कैप्टन कोहली पर रहेंगी नजरें : भारत के शीर्ष क्रम के कुछ बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपने विकेट गंवाए। खासकर श्रेयस अय्यर ने जोश हेजलवुड की गेंद पर जो शॉट लगाया, वह गैर जरूरी था। मयंक अग्रवाल भी अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पा रहे थे। कप्तान विराट कोहली पर ऑस्ट्रेलियाई टीम , मीडिया और क्रिकेटप्रेमियों की नजरें हैं और वह भी बड़ी पारी खेलना चाहेंगे।
टीम इंडिया के सामने मुश्किल : हार्दिक पंड्या ने 76 गेंद में 90 रन बनाए लेकिन 2017 चैंपियंस ट्रोफी फाइनल की तरह सिर्फ एक शानदार पारी से मैच नहीं जीता जा सकता। पंड्या ने खुद स्वीकार किया है कि वह फिलहाल गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं और टी20 विश्व कप से पहले गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे। इससे कोहली के पास ऐसे गेंदबाज रह गए हैं जो बल्लेबाजी नहीं कर सकते और शीर्षक्रम का कोई बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं कर सकता।
छठे गेंदबाज की कमी : टीम इंडिया के कैप्टन कोहली ने पहले मैच के बाद कहा था, ‘हमने हार के बाद बल्लेबाजी को लेकर बात की। हम सकारात्मक सोच के साथ उतरे और सभी ने उसी तरीके से खेलने की कोशिश की।’ छठे गेंदबाज की कमी से पेसर जसप्रीत बुमराह पर काफी दबाव आ गया है जो वनडे क्रिकेट में अपने चिर परिचित फॉर्म में भी नहीं दिख रहे। आईपीएल की शानदार फॉर्म वह पहले वनडे में दोहरा नहीं सके। उम्मीद रहेगी कि भारतीय गेंदबाज वापसी करते हुए दमदार खेल दिखाएं और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में कामयाबी हासिल करें।
ग्रीन को मिल सकता है मौका : ऑस्ट्रेलियाई टीम में उभरते सितारे कैमरन ग्रीन को मौका मिल सकता है क्योंकि पहले मैच में मार्कस स्टॉयनिस की बाजू में खिंचाव आ गया था। फिंच और स्मिथ दोनों ने संकेत दिया कि ग्रीन वनडे क्रिकेट में पदार्पण कर सकते हैं।
ऐसी हैं टीम
भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, शुभमन गिल, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, हार्दिक पंड्या, मयंक अग्रवाल, रविंद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी और शार्दुल ठाकुर।
ऑस्ट्रेलिया : आरोन फिंच (कप्तान), डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टॉयनिस, एलेक्स कैरी, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, एडम जम्पा, जोश हेजलवुड, सीन एबोट, एश्टन एगर, कैमरन ग्रीन, मोजेस हेनरिक्स, एंड्रयू टाय, डेनियल सैम्स, मैथ्यू वेड।
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